SARAN DESK - सारण जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वाधान में "एक शाम बशीर बद्र के नाम" का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल ने कहा कि मशहूर शायर बशीर बद्र ने अपनी सरल, दिल को छू लेने वाली और प्रभावशाली शायरी के माध्यम से प्रेम, इंसानियत, सौहार्द, रिश्तों की नज़ाकत और समकालीन संवेदनाओं को जिस खूबसूरती से अभिव्यक्त किया वह उर्दू साहित्य की अमूल्य धरोहर है. उनकी गजलें केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में समान रूप से लोकप्रिय हैं. आज भी उनके शेर हर वर्ग के लोगों की जुबान पर हैं. साहित्यकारों को याद करना वास्तव में अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को जीवित रखने के समान है.
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उर्दू भाषा और साहित्य से जोड़ने के लिए इस प्रकार की साहित्यिक गोष्ठियां अत्यंत आवश्यक हैं. ऐसे आयोजनों से युवाओं में अध्ययन की रुचि, भाषा के प्रति प्रेम और साहित्यिक चेतना विकसित होती है. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उर्दू भाषा गंगा-जमुनी तहज़ीब की सबसे सुंदर प्रतिनिधि है तथा इसकी उन्नति और प्रचार-प्रसार हम सभी की साझा जिम्मेदारी है. श्री एकबाल ने बशीर बद्र की साहित्यिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समय के साथ उनकी शायरी और अधिक प्रासंगिक होती जा रही है. उनके अशआर मानवीय भावनाओं, आशा, प्रेम, अकेलेपन, विस्थापन और जीवन के विभिन्न पक्षों का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण करते हैं. उन्होंने कहा कि बशीर बद्र की अभिव्यक्ति की शैली अनूठी, भाषा अत्यंत परिष्कृत तथा विचार अत्यंत व्यापक थे. जिसके कारण वे आधुनिक उर्दू शायरी के सबसे प्रतिष्ठित कवियों में गिने जाते हैं.
कार्यक्रम के दौरान मेहदी शाॅ ने बशीर बद्र की हूबहू आवाज और अंदाज में उनकी रचनाएं प्रस्तुत कर पूरी महफिल को यादगार बना दिया. जबकि कृष्ण मेनन ने अपनी मधुर आवाज में उनकी गजल की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
इस अवसर पर डॉ मुअज्ज़म अज़्म, प्रो मजहर किबरिया, प्रो अलाउद्दीन ख़ान, प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो शमीम परवेज, डॉ अब्दुस्समद भयकंर, मोईज बहमन बरवी, जुनैद मीर, प्रो शकील अनवर, अमीन अंजुम, रिपंजय निशांत, अफरोज हैदर, दक्ष निरंजन शंभू, कविंदर कुमार कवि, मोहम्मद हाशिम, नसर इकबाल, डॉ वलीउल्लाह कादरी, तारिक, मो हारून आदि उपस्थित थे.
इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया.
