CHHAPRA DESK - छपरा-बलिया रेलखंड पर डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस को रेलवे ट्रैक पर पानी की टंकी रखकर पलटने की कोशिश के मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में पानी की टंकी फंसने के बाद भी लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ी रेल दुर्घटना टल गई थी. अब इस मामले में आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ एफएसएल की टीम भी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में जुटी है. आज एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके से कई नमूने एकत्र किए. घटना के दूसरे दिन भी पुलिस और रेल सुरक्षा एजेंसियों ने जांच जारी रखी. सारण के एसएसपी विनीत कुमार ने रिविलगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार को मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. वहीं, रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए. टीम ने रेलवे ट्रैक के अलावा रिविलगंज थाना क्षेत्र के विजय राय के टोला स्थित उस गृहस्वामी के घर की छत पर रखी पानी की टंकी से संबंधित भी कई नमूने जांच के लिए लिए. पुलिस अब इन नमूनों की जांच के आधार पर घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. मालूम हो कि बीती देर रात डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस गौतमस्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से करीब 110 मीटर पश्चिम विजय राय के टोला के समीप रेलवे ट्रैक पर रखी सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई थी. टक्कर के बाद पानी की टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई. अचानक रेलवे ट्रैक पर आई बाधा के बावजूद लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाया, जिससे ट्रेन बेपटरी होने से बच गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टंकी को छत से उतारकर रेलवे ट्रैक तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे और इस घटना के पीछे उनका उद्देश्य क्या था. रेल एसपी वीणा कुमारी ने दावा किया है कि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया गया है. उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. हालांकि, रविवार तक पुलिस को किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली थी. रेल सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, उस समय अप और डाउन दोनों लाइनों से राजधानी एक्सप्रेस के आने का समय था. ऐसे में रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखे जाने की घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है. यदि लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया होता तो बड़ी रेल दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था. घटना के पीछे किसका हाथ है और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसकी जानकारी जुटाने में आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस लगी हुई है. पुलिस घटना को सुनियोजित साजिश सहित अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है. मामले को लेकर छपरा जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसके अलावा स्थानीय रिविलगंज थाने में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. एफएसएल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस जांच के आधार पर अब संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.


