CHHAPRA DESK - छपरा शहर स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आज उस समय हंगामा शुरू हो गया जब दूर दराज से पहुंचे दर्जनों मरीजों को यह पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर है. जिसके बाद हो-हंगामा शुरू हो गया. वही मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के द्वारा एक दिवसीय हड़ताल के क्रम में आज रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर विरोध प्रकट कर रजिस्ट्रेशन काउंटर को भी बंद करवा दिया गया. जिसके कारण करीब 3 घंटे तक मेडिकल कॉलेज में अफरातफरी का माहौल बना रहा. इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर सीपी जायसवाल के द्वारा उनको समझाया गया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए. उनका कहना था कि अप्रैल में उनके ज्वाइन करने के बाद अब तक उन्हें एक भी रुपया वेतन मद में प्राप्त नहीं हुआ है और ऐसी स्थिति में उनके सामने कोई विकल्प नहीं है. उन्हें किसी तरह घर से पैसे मंगवा कर अपना गुजारा करना पड़ रहा है. जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन उन्हें सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन दे रहा है. इस घटना के बाद दूर दराज से आए मरीज के परिजनों ने अस्पताल में हो-हंगामा शुरू कर दिया. जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सीपी जायसवाल एवं उपाधीक्षक के द्वारा मामला शांत करते हुए हड़ताली चिकित्सकों से बातचीत की गई और करीब तीन घंटे ओपीडी सेवा बाधित रहने के बाद पंजीयन काउंटर को खुलवाया गया. जहां सीनियर डॉक्टरों के द्वारा उन मरीजों का उपचार किया गया. उक्त अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मानदेय चार महीने से बकाया है. उनकी मांग भी जायज है. उन्हें समझाया गया है और इस विषय में ऊपर बातचीत भी की गई है,। संभवतः उनका मानदेय 15 अगस्त तक आ जाना चाहिए. उनके द्वारा ओपीडी सेवा को बहाल करवा दिया गया है ताकि किसी मरीज को कोई परेशानी उत्पन्न नहीं हो.