CHHAPRA DESK- सारण जिले में बाढ़ के पश्चात फसल क्षति के आकलन, जीआर (अनुग्रह अनुदान) भुगतान, राहत सामग्री के वितरण तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे पुनर्वास एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा को लेकर आज जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं सभी अंचलाधिकारियों से बाढ़ के प्रभाव एवं राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक की शुरुआत बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित सोनपुर प्रखंड में किए गए कार्यों की समीक्षा से हुई. जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ के बाद सभी प्रभावित खेतों का फाइनल पोस्ट-फ्लड फसल क्षति आकलन कर स्पष्ट प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए, ताकि फसल क्षति मुआवजा के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जा सके. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं संबंधित कर्मियों के समन्वय से वार्डवार सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि जिन वार्डों में खेत पूरी तरह प्रभावित नहीं हुए हैं अथवा आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं, वहां भी फसल क्षति का वास्तविक आकलन किया जाए. सर्वेक्षण के दौरान फोटो एवं वीडियो साक्ष्य तथा जियो-टैगिंग का उचित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के फर्जी अथवा दोहरे दावे की संभावना न रहे. सोनपुर,सदर छपरा, दिघवारा, गड़खा, रिविलगंज, दरियापुर, मांझी एवं मकेर सहित विभिन्न प्रखंडों के अंचलाधिकारियों से जीआर एंट्री, नाव परिचालन अधियाचना,अनुग्रह अनुदान राशि एवं राहत कार्यों की समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव संबंधित अनुश्रवण समिति से अनुमोदित कराकर ही भेजे जाएं. उन्होंने पूर्व के लंबित मामलों के साथ-साथ वर्तमान वर्ष के मामलों को भी समेकित करते हुए पूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. एडीएम, आपदा प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि सभी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध कराएं तथा संबंधित अंचलाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाण-पत्र प्राप्त करें, जिसमें वार्डवार प्रभावित क्षेत्र, जीआर एंट्री तथा देय फसल क्षति मुआवजा की स्पष्ट जानकारी हो. बाढ़ में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान की भी समीक्षा की गई. कई मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कारण भुगतान लंबित रहने की जानकारी पर जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में अनुग्रह अनुदान का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए. जीआर से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के क्रम में सभी अंचलों में पंजी संधारण एवं सभी आवश्यक एंट्री पूर्ण करने तथा वार्डवार सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया गया. जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि जीआर एंट्री, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन, पॉलीथिन शीट सहित राहत सामग्री के वितरण का समुचित दस्तावेजीकरण हो. सोनपुर में वितरित राहत सामग्री के तहत डिग्निटी किट वितरित किए जाने से संबंधित मामलों को भी नियमित करने का निर्देश दिया गया. जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायत एवं वार्डवार सर्वेक्षण सुनिश्चित करने तथा किस लाभुक को कितना लाभ दिया जाना है, इसका साक्ष्य सहित प्रस्ताव तैयार कराने को कहा। प्राप्त शिकायतों का तत्काल समाधान करने तथा सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का भी समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. एडीएम, आपदा प्रबंधन को सभी अंचलाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों से संयुक्त हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया, जिसमें वार्डवार यह स्पष्ट हो कि किस क्षेत्र में कितना प्रभाव पड़ा है, कहां सहायता दी जानी है तथा कहां नहीं. सभी प्रस्ताव आवश्यक साक्ष्यों एवं संबंधित अनुश्रवण समिति की स्वीकृति के साथ उपलब्ध कराने तथा समिति की नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया. बैठक में पोस्ट-फ्लड इफेक्ट के कारण विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों को हुई क्षति की भी समीक्षा की गई। पथ प्रमंडल छपरा, पथ प्रमंडल सोनपुर, आरसीडी सोनपुर, नगर निकायों, नगर निगम, आरसीडी छपरा, अभियंता नहर प्रमंडल एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य संरचनाओं का शीघ्र आकलन कर मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक प्रस्ताव एवं प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया गया. जहां-जहां जलजमाव की स्थिति है, वहां पंपिंग के माध्यम से पानी निकालने तथा उसके बाद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सिविल सर्जन को प्रखंडवार रिपोर्ट प्राप्त कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किन क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है और कहां अभी आवश्यक कार्रवाई की जानी है. इसके अतिरिक्त पीएचईडी छपरा के पदाधिकारियों को जिला की पेयजल योजनाओं को बाढ़ से हुई क्षति का आकलन एवं प्राक्कलन तैयार कर क्षतिग्रस्त योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त कराने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. जिला पदाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के बाद पेयजल की समस्या आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है, इसलिए क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की बहाली को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए. जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ के बाद राहत, फसल क्षति आकलन, अनुग्रह अनुदान, आधारभूत संरचनाओं की मरम्मत, स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों को पारदर्शी, साक्ष्य-आधारित एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए.