CHHAPRA DESK - जनगणना को लेकर जिला हस्तपुस्तिका निर्माण के लिए क्षेत्र पदाधिकारियों के प्रशिक्षण बुधवार को जिला अतिथि गृह के सभागार और मीटिंग हॉल में प्रारम्भ किया गया. जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता मुकेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यशाला को उद्घाटन किया. प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम दिन दरियापुर और मांझी के क्षेत्र पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए एडीएम श्री कुमार ने प्रशिक्षण के उद्देश्य से अवगत कराते हुए क्षेत्र पदाधिकारियों के कार्यों को बतलाया. उन्होंने कहा कि जिला हस्तपुस्तिका के निर्माण में क्षेत्र पदाधिकारी की भूमिका अहम है.
विकास योजना का आधार होगा डीसीएचबी
एडीएम ने कहा कि राजस्व ग्राम के विकास योजनाओं के निर्माण के लिए सही एवं सटीक आकड़ों का होना आवश्यक है. आगामी 10 वषों के लिए उस ग्राम के विकास की रेखा हातपुस्तिका से तय होगी. उन्होंने कहा कि आपको प्रदान किए गए प्रशिक्षण मैनुअल का गहन अध्ययन करें. जिससे आगामी एक अगस्त से प्रारंभ होने वाले डीसीएचबी निर्माण के लिए सही आंकड़े प्राप्त हो सकें. अंत में उन्होने प्रशिक्षकों से भी प्रशिक्षण को बेहतर ढंग से देने का आह्वान किया.
420 प्रकार की जानकारियां की जाएंगी एकत्र
जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक रवि रंजन ने हस्तपुस्तिका निर्माण की आवश्यकता पर विशेष चर्चा की. उन्होंने बताया कि 1951 से इस हस्तपुस्तिका का निर्माण हो रहा है. ग्राम एवं नगर स्तर पर शिक्षा, रोजगार, सड़क सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जाती है जो भविष्य के योजना निर्माण और विकास लेखन में सहयोग करती है. उन्होंने बताया कि डीसीएचबी के निर्माण में क्षेत्र पदाधिकारी को ग्राम स्तर पर 400 और नगर स्तर पर 420 तरह के डेटा एकत्र करते हैं.
पहली बार होगा डिजिटल मोड में कार्य
एसएलएमटी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता आलोक राज ने प्रशिक्षण को गंभीरता से प्राप्त करने का निदेश दिया. उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम और द्वितीय चरण के मध्य जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का निर्माण किया जाता है. पहली बार यह कार्य डिजिटल मोड में होगा. सम्पूर्ण डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होंगे. इसलिए ऐप का अच्छी तरह से हैंड्सऑन करेंगे. किसी भी प्रकार की शंका होने पर निराकरण के पाश्चात ही हॉल छोड़ेंगे.
एक अगस्त से 31 अगस्त तक होगा फिल्ड कार्य
डीसीओ द्वारा प्रतिनियुक्त जिला नोडल अदिति आनंद ने बताया कि आगामी एक अगस्त से 31 अगस्त तक क्षेत्र पदाधिकारी अपने राजस्व ग्राम एवं नगर में डेटा संग्रह करेंगे. डेटा संग्रह का सम्पूर्ण कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा. क्षेत्र पदाधिकारियों के मोबाइल ऐप पर संग्रह किए गए डेटा चार्ज अधिकारी के पास कंपाईल होंगे. जिसे उनके द्वारा जिला को फॉरवर्ड किया जाएगा. उन्होंने बताया कि डीसीएचबी निर्माण के लिए 31 दिसम्बर 2025 सन्दर्भ तिथि निर्धारित है. इसी सन्दर्भ तिथि को ध्यान में रख कर डेटा संग्रह किया जाएगा.
मोबाइल ऐप का कराया गया प्रैक्टिस
जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक लक्ष्मी मिश्रा एवं शंकर शरण श्रीवास्तव ने पीपीटी के माध्यम से डीसीएचबी निर्माण में क्षेत्र पदाधिकारियों की भूमिका, कार्य, डेटा संग्रह के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. मोबाइल एप के माध्यम से एक-एक कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, भूमि समेत सभी बुनियादी सुविधाओं के विभिन्न प्रश्नों को विस्तार पूर्वक समझाते हुए प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं का निराकरण किया. वहीं प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल ऐप डाउनलोड कर प्रैक्टिस कराया गया. इस अवसर पर जिला जनगणना कोषांग के सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार सिन्हा, संतोष कुमार, डॉ विनय प्रताप, अरुण कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, विजयेंद्र विजय, विनय कुमार सिंह, अजीत सिंह आदि ने सहयोग किया.


