CHHAPRA DESK - युवाओं को सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आज भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिले के कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनके शैक्षणिक, मानसिक एवं कैरियर संबंधी प्रश्नों का समाधान करना था. कार्यक्रम की शुरुआत क्विज प्रतियोगिता से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इसके उपरांत विभिन्न वरीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया.
इस अवसर पर डीएसपी साइबर ने साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार विभिन्न प्रलोभनों एवं फर्जी योजनाओं के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं. साथ ही विद्यार्थियों को ऐसे अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए. कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अधिकारियों एवं छात्र छात्राओं के बीच हुआ दो-तरफा संवाद रहा. इस दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं साझा कीं. कई विद्यार्थियों ने पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, भविष्य को लेकर भ्रम तथा उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया. इन सवालों का उत्तर देते हुए जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने, अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने तथा अनावश्यक विचलनों को न्यूनतम करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि एकाग्रता बढ़ाने के लिए पढ़ाई को छोटे-छोटे समय खंडों में विभाजित कर प्रत्येक समय में केवल एक विषय पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें. यह आदत जीवनभर सफलता दिलाने में सहायक होगी. सिविल सेवा की तैयारी से जुड़े एक प्रश्न पर उन्होंने 11वीं कक्षा की छात्रा को फिलहाल अपनी वर्तमान पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अच्छे कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद उचित मार्गदर्शन के साथ सिविल सेवा की तैयारी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है. जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें पढ़ने, विषयों को रटने के बजाय समझने, नियमित पुनरावृत्ति (रिवीजन) करने तथा शॉर्ट नोट्स तैयार करने की आदत विकसित करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि बेहतर समझ से ही प्रभावी संप्रेषण क्षमता (कम्युनिकेशन स्किल) विकसित होती है. उन्होंने युवाओं को अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर स्वयं को नई चुनौतियों के लिए तैयार करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया. साथ ही सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा समय का सदुपयोग करने की भी सलाह दी. संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने हाल के बिहार बंद के दौरान हुई कुछ उपद्रवी घटनाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कानून एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक किया. उन्होंने कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्व हिंसा या उपद्रव करें तो वहां से तत्काल हट जाना चाहिए. ऐसी परिस्थितियों में वहीं मौजूद रहना भी कानूनी दृष्टि से गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है. यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना अभिभावकों अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें.
अपने प्रेरक संबोधन के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि "जीवन में बड़ा कैरियर बनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि आप एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनें. सही और गलत का विवेकपूर्ण चयन ही आपको वास्तविक सफलता की ओर ले जाएगा. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों ने अधिकारियों से खुलकर संवाद किया तथा प्राप्त मार्गदर्शन को अपने भविष्य के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी बताया


