CHHAPRA DESK - सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड स्थित गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल को बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने तथा इसे रामायण सर्किट में शामिल कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है. इसी क्रम में आज दिनांक 31 अगस्त को उप विकास आयुक्त, सारण श्री लक्ष्मण तिवारी द्वारा गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल का स्थल भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने स्थल के विकास की संभावनाओं तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया. स्थल भ्रमण के क्रम में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार, समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, विश्राम स्थल एवं बैठने की व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया गया साथ ही स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर दिशा-सूचक एवं पर्यटन संबंधी सूचना-पट्ट लगाए जाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई.
उप विकास आयुक्त ने उक्त सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक भूमि एवं आधारभूत संरचना की उपलब्धता तथा संभावित कार्यों का आकलन करते हुए प्रस्ताव एवं संभावित प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया. इस संबंध में भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर छपरा, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सारण, अंचल अधिकारी, रिविलगंज तथा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत रिविलगंज को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है. जिला प्रशासन का उद्देश्य इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को संरक्षित रखते हुए यहां आवश्यक पर्यटक सुविधाओं का विकास करना है, ताकि यह स्थल श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके. गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल को रामायण सर्किट से जोड़ने की पहल से सारण जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है.

