CHHAPRA DESK - जयप्रकाश विश्वविधालय के विभिन्न कॉलेजों में स्नातक सेमेस्टर-5, सत्र 2023-27 के विद्यार्थियों से इंटर्नशिप के नाम पर कथित रूप से ₹600,₹800,₹1000 शुल्क लिए जाने के मामले को लेकर छात्र प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश देखने को मिला. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा इंटर्नशिप को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कॉलेज स्तर पर शुल्क वसूली की जा रही है. मामले को लेकर आज छात्र प्रतिनिधियों ने जगलाल चौधरी कॉलेज और रामजयपाल कॉलेज में प्राचार्य से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और विद्यार्थियों से लिए जा रहे शुल्क की जांच कराने तथा विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की. छात्र कार्यकर्ताओं ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों के शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा है, इसलिए इसके नाम पर अनियमित शुल्क वसूली किसी भी स्थिति में उचित नहीं है. छात्रों का आरोप है कि अलग-अलग कॉलेजों में विद्यार्थियों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और इन मामलों को लेकर लगातार छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे मामलों पर स्पष्ट और प्रभावी स्टैंड लेते हुए सभी महाविद्यालयों में एक समान व्यवस्था लागू करनी चाहिए. इंटर्नशिप शुल्क वसूली के मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच भी काफी नाराजगी और आक्रोश है. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन द्वारा मामले का उचित समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थियों के हित में आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा. छात्रों ने मांग किया कि पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में इंटर्नशिप के नाम पर होने वाली शुल्क वसूली की जांच कराई जाए, नियमों के विरुद्ध ली गई राशि वापस कराई जाए तथा भविष्य में विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की अनियमित राशि वसूलने पर रोक लगाई जाए.
इंटर्नशिप के नाम पर शुल्क वसूली के विरोध में अभाविप और छात्रों ने प्राचार्य से मिलकर जताया विरोध

