CHHAPRA DESK - पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-बलिया रेलखंड पर आज दो इलेक्ट्रिक ट्रेनों का पेंटो टूटने के कारण ट्रेनें घंटो स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. एक साथ हुई दो घटनाओं के बाद रेल प्रशासन ने जांच बैठा दिया है हालांकि घंटे रिपेयर के बाद तीनों को गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया. पहली घटना मांझी हाल्ट पर हुई, जहां चालाक की सूझबूझ से ट्रेन को रोका गया. जिसके बाद इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गई और वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर पहुंची टीम ने घंटो मशक्कत के बाद पेंटो को दुरुस्त किया. जिसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया. वहीं, गौतम स्थान स्टेशन के समीप गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन का पेंटो टूट जाने से करीब डेढ़ घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा. उस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. ट्रेन के गौतम स्थान स्टेशन के सामने रुकने से रेलवे क्रॉसिंग संख्या 60-सी भी बाधित रही. जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 15050 गोरखपुर से कोलकाता जा रही थी. ट्रेन बलिया की ओर से छपरा की तरफ अपने निर्धारित समय से चल रही थी. उसी दौरान गौतम स्थान स्टेशन पहुंचने से पहले इंजन के पेंटो में खराबी आ गई. गौतम स्थान पहुंचते-पहुंचते पेंटो पूरी तरह टूट गया, जिससे ओवरहेड तार से इंजन की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई और ट्रेन अचानक रुक गई. लोको पायलट ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी. स्टेशन मास्टर ने रेलवे के संबंधित इंजीनियरिंग विभाग को जानकारी दी. सूचना मिलते ही तकनीकी कर्मी मौके पर पहुंचे और पेंटो की मरम्मत का कार्य शुरू किया. पीछे के क्षतिग्रस्त पेंटो को तार से बांधकर तथा आगे का पेंटो उठाकर ट्रेन को अस्थायी रूप से चलने योग्य बनाया गया. जिसके बाद ट्रेन को छपरा की ओर रवाना किया गया.


रेलवे के अनुसार, करीब 2 बजकर 46 मिनट पर इंजन में खराबी आई थी. तकनीकी कर्मियों के प्रयास से करीब 4 बजकर 24 मिनट पर इंजन को चालू किया गया और 4 बजकर 32 मिनट पर ट्रेन छपरा के लिए रवाना हुई. इस दौरान कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ी.बताया जाता है कि लोको पायलट को मांझी के पास ही इंजन में गड़बड़ी का आभास हो गया था, लेकिन गौतम स्थान स्टेशन के समीप पहुंचने तक पेंटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. ट्रेन के अचानक रुकने के बाद कई यात्री नीचे उतरकर स्थिति देखने लगे. वहीं, आउटर के पास कुछ यात्रियों को काफी देर तक रुकना पड़ा, जिससे उन्हें परेशानी हुई.घटना की सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी मौके पर पहुंचे और स्थिति पर नजर रखी. तकनीकी खराबी दूर होने के बाद ट्रेन के रवाना होने पर रेल परिचालन सामान्य हो सका.