CHHAPRA DESK- सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में नौका परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ), अंचलाधिकारियों एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों को नौका परिचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने नौका दुर्घटना की किसी संभावना को टालने हेतु सभी घाटों पर नौका परिचालन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी हो या बड़ी, सभी नौकाओं का निबंधन अनिवार्य रूप से होना चाहिए. प्रत्येक नौका पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, रस्सी, ट्यूब सहित अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रहने चाहिए. नौका पर उसकी निर्धारित क्षमता स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं दी जाए. बैठक में निर्देश दिया गया कि नौका परिचालन के निर्धारित मानकों के अनुरूप घाटों पर खतरे के निशान को लाल रंग से स्पष्ट रूप से अंकित कराया जाए. नौका का जल के ऊपर दिखाई देने वाला भाग, उसकी निर्धारित क्षमता तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा संबंधी संकेत भी स्पष्ट रूप से चिह्नित रहें. संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए. वहीं सभी थाना प्रभारियों एवं अंचलाधिकारियों को घाटों पर प्रतिनियुक्त कर्मियों की नियमित जांच करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी कर्मी निर्धारित दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. जिला परिवहन पदाधिकारी को नौकाओं के निबंधन एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नौका मालिकों के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके लिए सभी अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र के घाटों तथा नौका परिचालन से संबंधित सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे, ताकि लंबित निबंधन एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की जा सके. जिलाधिकारी ने उपर्युक्त सभी निर्देशों का दो दिनों के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

