CHHAPRA DESK - पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने सारण के पर्यवेक्षण गृह का किया निरीक्षण. जहां उनका स्वागत सबसे पहले जिलाधिकारी द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया.

बालगृह में बच्चों ने स्वागत गान से उनका स्वागत किया, फिर उन्हें फ्लावर पॉट प्रदान किया गया. बच्चों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित एक छोटा नाट्य प्रस्तुतीकरण भी किया जिसका संदेश था कि बड़ा होना अच्छी बात है लेकिन उससे भी अच्छी बात है अच्छा होना. बच्चों ने उनको अपने द्वारा सैंड आर्ट से निर्मित तस्वीरें भी भेंट की. जहां उन्होंने पर्यवेक्षण गृह के बच्चों से संवाद भी किया. जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक गीतांजलि प्रसाद ने बताया कि फिलहाल इस पर्यवेक्षण गृह में 54 बच्चे आवासित हैं.

 यहां बच्चों को इस तरह की शिक्षा दी जाती है कि वे यहां से जब बाहर निकलें तो अपने लिए तो बेहतर करें ही साथ ही यहां से अच्छे विचारों को साथ ले जाएं, ताकि एक बेहतर इंसान बन सकें. निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बच्चों के पुनर्वास एवं परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. वहीं न्यायमूर्ति ने पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को बच्चों के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए.

निरीक्षण के दौरान संबंधित न्यायिक टीम एवं जिलाधिकारी सारण तथा वरीय पुलिस अधीक्षक सहित तमाम संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.