CHHAPRA DESK - पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंक्शन पर आरपीएफ बैरक में मानव तस्करी के दुष्परिणाम, बचाव एवं सामाजिक कर्तव्य विषय पर सुरक्षा सम्मेलन सह सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने मानव तस्करी को समाज के लिए गंभीर समस्या बताते हुए इसे रोकने के लिए सामूहिक सजगता और जिम्मेदारी पर जोर दिया. प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि मानव तस्करी समाज का एक घिनौना अपराध है. इससे बच्चों और कमजोर वर्ग के लोगों को बचाने के लिए रेलवे की ओर से ऑपरेशन आहट चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी, कुली, वेंडर और आम यात्री संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी तरह की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षा बल को सूचना दें. उन्होंने 'सेवा ही संकल्प है' का संदेश देते हुए मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी से सजग रहने की अपील की. उन्होंने बताया कि वाराणसी मंडल में बच्चों के रेस्क्यू के मामलों में भी सक्रियता बढ़ी है. वर्ष 2025 में एक बच्चे को रेस्क्यू किया गया था, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 26 बच्चों को रेस्क्यू किया जा चुका है. उन्होंने आरपीएफ, सीआईबी और अन्य सहयोगी संस्थाओं के कार्यों की सराहना की. वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ ने कहा कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रेलवे की सभी शाखाओं को मिलकर काम करना होगा. स्टेशन पर काम करने वाले कुली और खाद्य पदार्थ बेचने वाले वेंडर भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले गोरखपुर के सहायक परियोजना अधिकारी मनीष कुमार वर्मा, सीडीसी के राजीव कुमार तथा बीए के नीरज कुमार को सम्मानित किया गया. मंच संचालन सीआईबी प्रभारी संजय कुमार मिश्रा ने किया. मौके पर स्टेशन अधीक्षक राजन कुमार, आरपीएफ प्रभारी विनोद कुमार यादव, अरुण कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
ऑपरेशन आहट' मानव तस्करी पर रोक के लिए सजगता जरूरी : मुख्य सुरक्षा आयुक्त

