CHHAPRA DESK - वाराणसी मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में वाराणसी मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ "बचपन बचाओ अभियान" के अंतर्गत मानव तस्करी की रोकथाम एवं भटके हुए बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाने के लिए निरंतर सक्रिय है. इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, छपरा जंक्शन की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से 10 वर्षीय नाबालिग निखिल कुमार पटेल को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया गया. घटना के क्रम में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट छपरा जंक्शन के प्रभारी ड्यूटी उप निरीक्षक विशाल पाली एवं सीआईबी आरपीएफ के आरक्षी दिलीप कुमार स्टेशन परिसर में नियमित निगरानी एवं गश्त कर रहे थे. गश्त के दौरान यात्री प्रतीक्षालय में एक नाबालिग बालक सहमा हुआ अकेला बैठा दिखाई दिया. रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने बालक से आत्मीयता से बातचीत कर उसका नाम-पता पूछा. बालक ने अपना नाम निखिल कुमार पटेल, पिता मनीष कुमार, निवासी मेदनी माल, थाना नगर, जिला वैशाली (बिहार) तथा आयु लगभग 10 वर्ष बताया. उसने बताया कि वह टेंपो से हाजीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था और भूलवश एक ट्रेन में सवार हो गया. यात्रा के दौरान उसे नींद आ गई तथा जागने पर उसने स्वयं को छपरा जंक्शन पर अकेला पाया.

बालक द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर के आधार पर रेलवे सुरक्षा बल ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया. बातचीत में बाबूलाल पटेल ने स्वयं को बालक का दादा बताया. जिसके उपरांत चाइल्ड हेल्पलाइन, छपरा के केस वर्कर हर्षित राठौर को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर बुलाया गया. निर्धारित प्रक्रिया एवं सत्यापन पूर्ण होने के बाद बालक के दादा, माता किरण कुमारी तथा अन्य परिजन पोस्ट पर पहुंचे. पहचान सुनिश्चित होने एवं आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत चाइल्ड हेल्पलाइन की उपस्थिति में बालक को उसकी माता के सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया.