CHHAPRA DESK - सारण समाहरणालय सभागार में आज डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उद्योग विभाग तथा जिला के अन्यान्य पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य जिला में उद्योग एवं निवेश को प्रोत्साहन, उद्यमियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना तथा उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में प्रासंगिक समस्याओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श करना था. बैठक में जिले के उद्यमियों, औधोगिक संगठन के प्रतिनिधियों, जिला उद्योग केन्द्र तथा विभिन्न विभागों के तहत राज्यकर संयुक्त आयुक्त, विद्युत कार्यपालक अभियंता, पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडल, जिला अवर निबंधक, श्रम अधीक्षक तथा प्रभारी पदाधिकारी, जिला विकास शाखा, चैम्बर ऑफ काॅमर्स के प्रतिनिधि तथा अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल थे. बैठक के क्रम में उद्योग-स्थापना, भूमि उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ, आधारभूत संरचना तथा अन्य विषयों की समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने बैठक के प्रारम्भ में ही उद्योग हेतु प्लेटर्फाम तैयार करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के निर्माण हेतु निर्देशित किया. उन्होंनें कहा कि आज की बैठक में प्राप्त फीडबैक को तथा सुझावों को राज्य स्तर पर अग्रसारित किया जायेगा. आज की बैठक में समस्याओं के समाधान की समीक्षा भी अगली बैठक में की जायेगी तथा जहां तक बैंको से ऋण दिए जाने में कठिनाई है तो बैंकिग प्रतिनिधियों के साथ आगामी बैठक में इसे प्रमुखता से रखा जाएगा. उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को अलग से अपना मोबाईल नम्बर तथा लोकेशन और समस्याओं को लिखकर देने को भी कहा. बैठक के दौरान BIIPP-2025 के संदर्भ में एक पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी दिया गया. आगे उद्योग प्रतिनिधियों से समस्या एवं सुझाव मांगे गए जिसमें सबसे अधिक बिजली की ट्रिपिंग की वजह से उद्योग के पनपने में बाधा की बात सामने आई. इस संदर्भ में जिला पदाधिकारी ने विद्युत कार्यपालक अभियंता को तत्काल ट्रांसफाॅर्मर रिप्लेस या रिपेयर करने से समस्या के निदान हेतु निर्देशित किया. बैठक के दौरान अन्य समस्याओं में बैंकिग लोन में समस्या की भी बात सामने आई जिसके लिए जिला उद्योग महाप्रबंधक को उनके स्तर से अनुश्रवण करते हुए बैंकिग प्रतिनिधियों को पत्र लिखे जाने हेतु निर्देशित किया गया. जिलाधिकारी ने जमीन की समस्या के संदर्भ में क्लस्टर्स बनाकर को-ऑपरेटिव की तर्ज पर प्रस्ताव दिये जाने पर प्रशासन के स्तर से हर संभव मदद की बात कही. एक उद्योग प्रतिनिधि ने उद्योग संस्थान तक सड़क निर्माण का अनुरोध किया तो जिला पदाधिकारी ने तत्काल पेवर ब्लाॅक या सोलिंग कराने का भी निर्देश दिया. जिला पदाधिकारी ने इच्छुक उद्योग प्रतिनिधियों को विशिष्ट तरह की ट्रेनिंग के प्रबंध हेतु भी जिला उद्योग महाप्रबंधक को निर्देशित किया. जिला उद्योग महाप्रबंधक को जिले में संस्थापित उद्योगों के डाॅक्यूमेंटेशन हेतु भी जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए. लाइसेंस निर्गत में कठिनाई की बात सामने आने पर जिला पदाधिकारी ने 15-20 दिनों का कैम्प लगाकर इसके समाधान हेतु निर्देशित किया.
सारण में उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बनाने को ले डीएम ने बैठक कर दिया निर्देश


