CHHAPRA DESK- छपरा शहर से स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलती खबर सामने आई है. जिसके कारण मानवता एक बार फिर शर्मसार हुई है. पोस्टमार्टम के उपरांत शव वाहन नहीं मिलने के कारण परिजन ठेले पर ही शव बांधकर ले जाने के लिए विवश हो गए. परिजनों ने बताया कि उन लोगों के द्वारा 102 पर शव वाहन एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिल सका. जिसके कारण वे लोग ठेले से शव लेकर जा रहे हैं. मृतक नगर थाना क्षेत्र के आजाद नगर करीमचक मोहल्ला निवासी सुदामा प्रसाद का पुत्र सन्नी कुमार बताया गया है. घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि बीते 11 अक्टूबर को वह परिवार सहित शहर से सटे रिविलगंज थाना क्षेत्र के दिलिया रहीमपुर स्थित सरयू नदी में नदी में स्नान करने के लिए गए थे. उस दौरान गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब कर उनकी मौत हो गई थी. जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई थी और लगातार नदी में तलाश के बाद आज तीसरे दिन शव नदी से बरामद किया गया. जिसके बाद परिवार वाले शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे थे. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव ले जाने के लिए परिजनों ने 102 शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम में फोन किया, लेकिन किसी कारणवश शव वाहन नहीं मिल सका. अंततः परिजन शव को ठेले पर बांधकर ले जाने को मजबूर हो गए. इस घटना का दृश्य स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है. एक ओर स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर अस्पतालों की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए वाहन नहीं मिलने की घटना ने व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, एंबुलेंस सेवा के एसीओ सत्य प्रकाश ने बताया कि परिजनों की ओर से उनके मोबाइल पर इस संबंध में कोई कॉल नहीं आया है. यदि कॉल आता तो शव वाहन उपलब्ध कराया जाता.