CHHAPRA DESK - नेपाल के कैचमेंट एरिया से छोड़े गए पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि एवं बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने आज सारण जिले का दौरा किया तथा जिला प्रशासन के साथ बाढ़ की तैयारियों एवं संभावित स्थिति से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. इसके पूर्व सर्किट हाउस में उनके पहुँचने पर जिला पदाधिकारी ने उनका पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया, फिर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया. इसके बाद उन्होंने जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री को जिले में बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों एवं वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया. उन्हें बताया गया कि नदी के तटबंधों पर 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है. जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा सभी संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है. आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है. मकेर, पानापुर, दरियापुर, अमनौर, परसा, सोनपुर सहित संबंधित अंचलों के नदी किनारे बसे क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार लोगों को सतर्क करते हुए आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील/चेतावनी दी जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराहट में कोई कदम न उठाएं. प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गृह रक्षकों एवं तटबंध सुरक्षा दल की प्रतिनियुक्ति की गई है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं द्वारा तटबंधों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से दिन के साथ-साथ रात्रि में भी नियमित गश्ती एवं निरीक्षण किया जा रहा है. सभी संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक सामग्री एवं आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखे गए हैं. आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए आपदा संबंधी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को अधिकतम स्तर पर तैयार रखा गया है.