CHHAPRA DESK - ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के निर्देशानुसार विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, प्रक्रियाओं एवं उनके दायित्वों से अवगत कराने के लिए 06 एवं 07 अगस्त 2026 तक दो दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया है.

सम्मेलन के प्रथम दिवस आज गुरुवार को जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं डीसी लक्ष्मण तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देने का आह्वान किया. प्रथम दिवस (06 अगस्त) के सम्मेलन में जिले के सभी मुखिया, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ), कनीय अभियंता (जेई), पंचायत तकनीकी सहायक (पीटीए), लेखापाल एवं पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) भाग ले रहे हैं. वहीं द्वितीय दिवस (07 अगस्त) के सम्मेलन में सभी पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य (सारण) तथा सभी कंप्यूटर ऑपरेटर/कार्यपालक सहायक भाग लेंगे. कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत भाषण के उपरांत मुख्य अतिथि का संबोधन हुआ. इसके बाद वेज एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत VB-GRAMG अधिनियम, 2025 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई. सम्मेलन में अधिनियम का परिचय, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) पर प्रस्तुतीकरण, समृद्ध, संपन्न एवं आत्मनिर्भर पंचायतों के निर्माण में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका तथा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए. सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों से कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव प्राप्त किए गए तथा उनकी समस्याओं एवं शंकाओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया गया. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सारण श्री लक्ष्मण तिवारी, भाप्रसे, निदेशक, एनईपी, डीआरडीए, सारण श्रीमती सुमिता कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे.