CHHAPRA DESK - शोध विधार्थी संगठन (आरएसए) ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा प्रशासन पर छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. संगठन ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के बीच विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के दो मार्गों में से पक्के (ढलाई) वाले मार्ग पर ताला जड़ दिया गया है, जबकि कीचड़, कचरा और जलजमाव से भरे कच्चे मार्ग से लोगों को आने-जाने के लिए विवश किया जा रहा है. आरएसए ने कहा कि प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शोधार्थी एवं कर्मचारी इसी कीचड़युक्त मार्ग पर फिसलकर गिर रहे हैं। कई लोगों के कपड़े खराब हो रहे हैं और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है. इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है. यह रवैया न केवल प्रशासनिक लापरवाही का परिचायक है, बल्कि छात्रों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता और तानाशाही मानसिकता को भी उजागर करता है. आरएसए नेता गुलशन यादव एवं उज्वल सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जब सुरक्षित एवं पक्का मार्ग उपलब्ध है, तब उस पर ताला लगाकर लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल पक्के मार्ग का ताला खोलकर आवागमन सामान्य करे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक ढलाई वाला मार्ग नहीं खोला गया, तो आरएसए विश्वविद्यालय परिसर में बंद पड़े उसी मार्ग पर प्रतीकात्मक धान रोपाई आंदोलन करेगा. यह आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन की जनविरोधी कार्यशैली के खिलाफ होगा और इसमें बड़ी संख्या में छात्र, शोधार्थी एवं संगठन के कार्यकर्ता शामिल होंगे. आरएसए ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेता, तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.