CHHAPRA DESK - गैर संचारी रोगों की समय रहते पहचान और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जिलों में “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान शुरू किया जाएगा. यह अभियान 1 सितंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा. अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें समुदाय स्तर पर घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी. संदिग्ध एवं रोग से ग्रसित मरीजों को आवश्यक परामर्श, दवा तथा आगे की जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ा जाएगा. अभियान का मुख्य फोकस गैर संचारी रोगों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है. इसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुंह, स्तन एवं गर्भाशय के मुख के कैंसर, हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज की स्क्रीनिंग की जाएगी। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार शुरू करने के साथ-साथ जोखिम कारकों को कम करने और असामयिक मौतों को रोकने में मदद मिलेगी.
घर-घर होगा सर्वे और स्क्रीनिंग
अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता और एएनएम अपने क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण करेंगी. प्रत्येक परिवार का फैमिली फोल्डर तैयार किया जाएगा और कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट के माध्यम से विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी. स्क्रीनिंग से संबंधित जानकारी मोबाइल आधारित NCD एप्लीकेशन पर दर्ज की जाएगी. गृह भ्रमण के दौरान चिन्हित या संदिग्ध मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता सहयोग करेंगी.
30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों पर विशेष फोकस
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आने वाले 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति की लंबाई और वजन मापकर BMI निकाला जाएगा. इसके बाद उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग, NAFLD और COPD की स्क्रीनिंग की जाएगी. पहले से पंजीकृत मरीजों की दोबारा स्क्रीनिंग की जाएगी। गंभीर अथवा जटिल स्थिति वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा. जरूरत के अनुसार टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा तथा मरीजों को आवश्यकतानुसार 30 दिनों की दवा भी दी जाएगी.


