CHHAPRA DESK - जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में व्याप्त शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के विरोध में आज शोध विद्यार्थी संगठन (आरएसए) के बैनर तले विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया. धरने के माध्यम से संगठन ने परीक्षा, परिणाम, शोध, नामांकन, छात्रावास एवं छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए माननीय कुलपति को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा. धरने के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र वाजपेई के विरोध में प्रतीकात्मक श्राद्ध कर्म का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान एवं ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया. संगठन ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्था, प्रशासनिक निष्क्रियता तथा छात्रहित की लगातार उपेक्षा के विरुद्ध एक सांकेतिक लोकतांत्रिक विरोध है. संगठन के नेताओं ने कहा कि वर्ष 2024 में भी विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध प्रतीकात्मक दाह संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया था. उनका आरोप है कि उसके बाद भी विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. संगठन का कहना है कि समय पर परीक्षा परिणाम प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं, शोधार्थियों के कार्य लंबित हैं, पी.जी.आर.सी. की बैठक नहीं हो रही है, छात्रावास आवंटन रुका हुआ है तथा कई प्रशासनिक निर्णय छात्रों के हितों के प्रतिकूल हैं.
प्रमुख मांगों को तत्काल लागू करने की रखी मांग
- डिजिलॉकर पर समयपूर्व अंकपत्र प्रदर्शित होने की उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई.
- परिणाम प्रकाशित किए बिना अगले सेमेस्टर की परीक्षा अधिसूचना जारी करने की परंपरा समाप्त करना.
- पी.जी.आर.सी. की लंबित बैठक तत्काल आयोजित करना.
- पूर्व में दिए गए सभी मांगपत्रों एवं आवेदनों पर कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करना.
- ओबीसी छात्रावास का शीघ्र आवंटन.
- संबद्ध महाविद्यालयों में छात्राओं से लिए जा रहे नामांकन शुल्क की जांच तथा अवैध वसूली होने पर राशि वापसी.
- स्नातक सत्र 2026–30 में रिक्त सीटों पर "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर पुनः नामांकन.
- छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कॉमन रूम की स्थापना.
- परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट तथा वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर उसका पालन.
- सभी लंबित परीक्षा परिणामों का शीघ्र प्रकाशन एवं परीक्षा-नामांकन व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी और समयबद्ध बनाना.
आरएसए के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन छात्रों एवं शोधार्थियों के हित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन को और व्यापक रूप देगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विशाल सिंह,उज्वल सिंह, गुलशन यादव, परमजीत सिंह कुशवाहा, प्रमेन्द्र सिंह, आर एस ए संयोजक अंकित सिंह, सह संयोजक विशाल सिंह बॉक्सर,सह सुनील सिंह, विश्वविद्यालय अध्यक्ष प्रीति यादव समेत सभी महाविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.


