CHHAPRA DESK- विहंगम योग संत-समाज के तत्वावधान में आयोजित ‘कन्याकुमारी से कश्मीर स्ववेद संदेश यात्रा’ के क्रम में आज सारण की पावन धरती पर स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, वीआईपी स्कूल, मुकरेड़ा, छपरा के प्रांगण में भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज के पावन सान्निध्य और दिव्य वाणी का लाभ प्राप्त करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु, भक्त, शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य लोग एकत्रित हुए. कार्यक्रम का उद्घाटन संत प्रवर महाराज के करकमलों द्वारा विद्यालय के निदेशक डॉ राहुल राज, अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, सभी शिक्षकगण, भक्तगणों ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. यह आयोजन विहंगम योग संत-समाज के 103वें वार्षिकोत्सव तथा ‘समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव’ की आध्यात्मिक भावना से जुड़ा हुआ है कार्यक्रम का मूल उद्देश्य आत्म-जागरण, स्वर्वेद के दिव्य संदेश और मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाते हुए व्यक्ति एवं समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना रहा. कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. भक्तिगीतों, आध्यात्मिक वातावरण और संत-महात्माओं के प्रति श्रद्धा से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा. उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत प्रवर महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उनके द्वारा दिए गए आध्यात्मिक एवं जीवनोपयोगी संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया. आत्म-जागरण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश अपने संबोधन में संत प्रवर ने मानव जीवन में आत्म-जागरण, साधना, सेवा, सदाचार और सकारात्मक चिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि नियमित साधना एवं आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की शक्तियों को पहचान सकता है और अपने जीवन को अधिक सार्थक, शांतिपूर्ण एवं मंगलमय बना सकता है. विहंगम योग को आत्मा और परमात्मा के मिलन का सहज मार्ग बताते हुए उन्होंने मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने तथा समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया.
आस्था और अध्यात्म का जनसैलाब: संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज के सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया आशीर्वाद


