CHHAPRA DESK- सारण डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बाढ़ के बाद उत्पन्न संभावित स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी चुनौतियों को लेकर आज स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने बाढ़ प्रभावित आठ प्रखंडों में जहां पानी घट चुका है, वहां चूना, गैमेक्सिन पाउडर एवं ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त मात्रा में छिड़काव सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में पानी निकलने के बाद व्यापक साफ-सफाई कराने पर जोर दिया, ताकि संक्रमण एवं जलजनित बीमारियों के प्रसार की संभावना को कम किया जा सके. बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सोनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कराए जा रहे स्वच्छता कार्यों की जानकारी ली. प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनपुर द्वारा बताया गया कि जहां पानी घट चुका है, ऐसे लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा चुका है. पंचायत स्तर पर प्रभारी कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव, विकास मित्र एवं अन्य कर्मियों की टीम गठित कर यह कार्य कराया जा रहा है तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है. जिला पदाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में अस्पतालों की मेडिकल टीम एवं संबंधित टीमों के समन्वय से एंटी-लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के प्रसार की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी उपाय समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से किए जाएं. उन्होंने सभी बाढ़ प्रभावित प्रखंडों से एंटी-लार्वा छिड़काव, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव तथा स्वच्छता कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग मशीन से नियमित फॉगिंग कराने का भी निर्देश दिया. उन्होंने पर्याप्त संख्या में फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराकर अभियान चलाने तथा सभी गतिविधियों का समुचित डॉक्यूमेंटेशन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किए जा रहे कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से भी आमजन तक पहुंचाई जा सके.

राहत एवं बचाव कार्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए 31 पदाधिकारी-कर्मी सम्मानित

बैठक के पश्चात जिला पदाधिकारी ने बाढ़ के दौरान आपदा प्रबंधन टीम द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 31 पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने सम्मानित सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम भावना एवं समर्पण के साथ किए गए कार्यों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत एवं सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है. उन्होंने सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों को इसी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया.