PATNA DESK - बिहार में शराब तस्करी पर लगाम कसने के लिए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब राज्य के सभी उत्पाद चेकपोस्ट प्रभारियों का हर दो महीने में तबादला किया जाएगा. साथ ही सभी चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से होगी. इस मामले में विभागीय सचिव नवीन कुमार ने कुम्हरार स्थित मुख्य उत्पाद रसायन परीक्षक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और चेकपोस्ट प्रभारियों को कई अहम निर्देश दिए. सचिव ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए. सभी जरूरी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट किए जाएं. साथ ही चेकपोस्ट से गुजरने वाले हर संदिग्ध वाहन की विभागीय उपकरणों से अनिवार्य जांच की जाए.
डिजिटल लॉक का होगा प्रचार
बिहार में प्रवेश करने वाले अल्कोहल से जुड़े वाहनों में डिजिटल लॉक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर और बैनर लगाने के निर्देश दिए गए. विभाग की दो एजेंसियों के कामकाज पर सचिव ने नाराजगी जताई और भविष्य में सुधार की चेतावनी भी दी.
48 घंटे में देनी होगी जांच रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान इथेनॉल में मिलाए जाने वाले विकारक को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. सचिव ने स्पष्ट कहा कि जब्त नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्रवाई में देरी न हो.
ड्रोन से होगी कड़ी निगरानी
सचिव ने ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया. उन्होंने विभिन्न जिलों से मिल रही लाइव फीड देखी और निर्देश दिया कि ड्रोन के जरिए अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर और प्रभावी निगरानी रखी जाए. निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त मद्यनिषेध कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव एवं उपायुक्त मद्यनिषेध संजय कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. विभाग का कहना है कि इन कदमों से शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी.


