PATNA DESK - बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक नई पहल की है। राज्य के 40 पुलिस जिलों की निगरानी के लिए एडीजी से लेकर डीआईजी स्तर के 36 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रभारी और नोडल पदाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है. इस नई व्यवस्था के तहत अब जिलों में अपराध नियंत्रण से लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली तक की नियमित समीक्षा की जाएगी. सभी प्रभारी अधिकारी सीधे डीजीपी प्रीता वर्मा को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, सभी अधिकारियों को अपने आवंटित जिलों का निरीक्षण कर वहां की कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेना है. इसके लिए 27 सितंबर तक निरीक्षण पूरा करने और डीजीपी को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य जिलों में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और अपराध नियंत्रण की दिशा में चल रही कार्रवाई की निगरानी करना है. नई व्यवस्था के तहत एडीजी विधि व्यवस्था केएस अनुपम को पटना का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं, एडीजी बी-सैप नैय्यर हसनैन खान को मुजफ्फरपुर की जिम्मेदारी दी गई है. एडीजी आर मलार विझि नालंदा, एडीजी ईओयू डॉ. अमित कुमार जैन वैशाली और एडीजी एसवीयू सुधांशु कुमार दरभंगा के प्रभारी बनाए गए हैं. इसके अलावा एडीजी रेल डॉ कमल किशोर सिंह को समस्तीपुर, एडीजी सीआईडी पारसनाथ को मुंगेर, एडीजी आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार को गोपालगंज और एडीजी तकनीकी सेवाएं अमित लोढ़ा को लखीसराय और शेखपुरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एडीजी एटीएस अमृत राज भोजपुर के प्रभारी होंगे, जबकि आईजी एससीआरबी राजेश कुमार को पूर्णिया का जिम्मा दिया गया है. आईजी प्रोविजन पी. कन्नन को सारण, आईजी प्रशिक्षण अनुसूया रणसिंह साहू को औरंगाबाद, आईजी रेल पंकज कुमार राज को भागलपुर और नवगछिया तथा आईजी मद्य निषेध प्रेमलथा को जहानाबाद का प्रभारी बनाया गया है। आईजी सीआईडी और सीसीएसयू रंजीत कुमार मिश्रा मधुबनी, आईजी मुख्यालय मनोज कुमार गया जी और आईजी विशेष शाखा संजय कुमार बेतिया और बगहा की निगरानी करेंगे. डीआईजी स्तर के अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है. डीआईजी सीआईडी जयंत कांत कटिहार, डीआईजी ईओयू मानवजीत सिंह ढिल्लन रोहतास, डीआईजी विशेष शाखा हरप्रीत कौर कैमूर और डीआईजी बी-सैप मीनू कुमारी बेगूसराय की प्रभारी होंगी. डीआईजी एससीआरबी सुधीर पोरिका को खगड़िया, डीआईजी आधुनिकीकरण तौहिद परवेज को किशनगंज और डीआईजी विधि एवं मानवाधिकार सुशील कुमार को शिवहर की जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह डीआईजी मद्य निषेध अनिल कुमार सहरसा, डीआईजी कार्मिक राजेंद्र कुमार भील मधेपुरा और डीआईजी विधि व्यवस्था आनंद कुमार मोतिहारी के प्रभारी होंगे. डीआईजी साइबर अवकाश कुमार सीतामढ़ी, डीआईजी सीआईडी दीपक रंजन बक्सर, डीआईजी इनामुल हक मेंगनू जमुई और डीआईजी एसयूवी आमिर जावेद सीवान की निगरानी करेंगे. डीआईजी प्रशिक्षण राजीव रंजन एक को बांका, डीआईजी ईआरएसएस अजय कुमार पांडेय को अरवल और नवादा, डीआईजी एसटीएफ नीरज कुमार सिंह को अररिया और डीआईजी एटीएस सुशांत कुमार सरोज को सुपौल का प्रभारी बनाया गया है. प्रभारी अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में नियमित बैठक कर अपराध की स्थिति, लंबित मामलों के अनुसंधान, केसों के निष्पादन और ट्रायल की प्रगति की समीक्षा करनी होगी. इसके साथ ही थानों की कार्यप्रणाली, पुलिस गश्ती, महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट और अन्य कानूनों के क्रियान्वयन पर भी नजर रखनी होगी. समीक्षा के बाद अधिकारियों को डीजीपी को रिपोर्ट सौंपनी होगी. पुलिस मुख्यालय ने क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को भी अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. इसके तहत 25 से 28 सितंबर तक संबंधित जिलों में रात्रि विश्राम कर लंबित कांडों, वारंट, इश्तिहार, कुर्की और गश्ती व्यवस्था की जांच करनी होगी। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को 29 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपनी है. बिहार पुलिस की इस नई व्यवस्था के तहत अब जिलों में कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी भूमिका होगी. इससे अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की समीक्षा और पुलिस की जवाबदेही से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
बिहार के 40 जिलों में IPS अधिकारियों की तैनाती ; पटना से लेकर गया तक किसे मिली जिम्मेदारी ?


