CHHAPRA DESK - आगामी चेहल्लुम पर्व को जिले में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि-व्यवस्था के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से आज सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे. बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि चेहल्लुम पर्व के दौरान संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर तैयारियों की समीक्षा करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द एवं सामाजिक समरसता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सोशल मीडिया की सतत निगरानी, अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण तथा किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही शांति समिति के सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों एवं जुलूस आयोजकों के साथ नियमित समन्वय एवं संवाद बनाए रखने पर विशेष बल दिया. उन्होंने विशेष रूप से गत 25 जुलाई को हुई हिंसक घटनाओं के आलोक में सभी प्रखंडों, अंचलों एवं थाना क्षेत्रों में प्रस्तावित जुलूसों के मार्ग, प्रतिभागियों की संभावित संख्या तथा आवश्यकतानुसार आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर जुलूस मार्ग का सत्यापन एवं अंतिम निर्धारण करने को कहा. सावन माह को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मस्जिदों, मंदिरों एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के अनुसार विशेष सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुरूप निरोधात्मक कार्रवाई तथा धारा 107, 110 एवं सीसीए के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. बैठक में विद्युत कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि जुलूस मार्गों पर आने वाले निम्न ऊंचाई के विद्युत तारों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा पूरे रूट का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए. सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि चिन्हित जुलूस स्थलों पर एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था रहे तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडलीय अस्पतालों एवं रेफरल अस्पतालों में चिकित्सकीय सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध रहें. इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों को साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया. बैठक को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने स्पष्ट किया कि चेहल्लुम जुलूसों में डीजे का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ नारेबाजी की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने थाना स्तर पर बाउंड डाउन की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सांप्रदायिक एवं असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सीसीए सहित अन्य विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए. बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि चेहल्लुम पर्व जिले में पूर्ण शांति, सौहार्द एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके.