CHHAPRA DESK- सारण डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में संचालित बाल देखरेख एवं संरक्षण संस्थानों, पर्यवेक्षण गृह, बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन, परवरिश एवं स्पॉन्सरशिप योजना सहित बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में बाल कल्याण समिति (CWC) के सभी सदस्य सहित संबंधित पदाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे. पर्यवेक्षण गृह की समीक्षा के क्रम में वहां सुरक्षा हेतु प्रतिनियुक्त पुलिस बल, बच्चों के आवासन की स्थिति एवं क्षमता से अधिक बच्चों के रहने, साफ-सफाई, कचरा उठाव एवं फॉगिंग की व्यवस्था की जानकारी ली गई. सामुदायिक भवन में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था एवं शौचालय की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जुवेनाइल जस्टिस से संबंधित मामलों में बच्चों के साथ कार्य करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पुलिसकर्मी पुलिस वर्दी अथवा हथियार के साथ बच्चों के समक्ष उपस्थित न हो. उन्होंने पर्यवेक्षण गृह में बच्चों के कौशल विकास एवं शिक्षा की दिशा में विशेष पहल करने का निर्देश दिया. उन्होंने जिला नियोजन पदाधिकारी के कार्यालय में पदस्थापित स्किल मैनेजर को बच्चों की वर्तमान स्थिति एवं रुचि का आकलन कर बेसिक डिजिटल लिटरेसी, फाइनेंशियल लिटरेसी एवं शॉर्ट टर्म कंप्यूटर कोर्स की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को शिक्षा विभाग के समन्वय से बच्चों के वर्तमान लर्निंग लेवल का असेसमेंट कराने तथा उसके अनुरूप एज-वाइज एवं लर्निंग-स्किल-वाइज करिकुलम विकसित कराने का निर्देश दिया गया. बच्चों को सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों में अधिक से अधिक संलग्न रखने के लिए इंडोर गेम्स की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इसके तहत मोनोपोली, चाइनीज चेकर्स सहित अन्य बोर्ड गेम उपलब्ध कराने को कहा गया. बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आहार तालिका एवं दीर्घकालीन उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सदर अस्पताल के चिकित्सकों से नियमित स्वास्थ्य निरीक्षण कराने तथा टीकाकरण एवं मेडिकल अपॉइंटमेंट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय तथा मनोवैज्ञानिक/मनोचिकित्सकीय जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. वन स्टॉप सेंटर के परामर्शदाताओं को बच्चों से मिलकर आवश्यक काउंसलिंग करने के लिए निर्देशित किया गया.
वहीं बाल कल्याण समिति (CWC) की समीक्षा के दौरान आवासित बच्चों के मामलों की केस हिस्ट्री की जानकारी ली गई तथा जिला पदाधिकारी द्वारा प्रत्येक मामले के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

