CHHAPRA DESK- सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव तथा वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने आज डबल डेकर पुल के रामलीला मठिया, पुराने बस स्टैंड के समीप से भिखारी ठाकुर चौक तक पूरे निर्माण क्षेत्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के परियोजना निदेशक को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा दिन-रात 24 घंटे तीन शिफ्ट में कार्य कराने का निर्देश दिया. उन्होंने श्रमिकों एवं मशीनों की संख्या बढ़ाकर दोनों तरफ की सड़क, ड्रेनेज, गोलंबर, क्लिपिंग, बाइंडिंग एवं कंक्रीट सहित सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा. जलजमाव वाले स्थानों पर तत्काल पंप लगाकर पानी निकालने तथा आवश्यकतानुसार ड्रेनेज की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो. उन्होंने मोना चौक से मेवालाल चौक तक भी दिन-रात कार्य कराकर निर्माण पूरा कराने को कहा. जिला पदाधिकारी ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देशित किया कि अभियंताओं की गठित टीम द्वारा निर्माण कार्यों का निरंतर निरीक्षण कर प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए. जलजमाव वाले क्षेत्रों में चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने, कच्चे कटाव को पुनः दुरुस्त करने तथा जहां नाला निर्माण नहीं हुआ है, वहां छोटे पंप लगाकर जलजमाव की समस्या दूर करने का निर्देश दिया. उन्होंने डंपिंग कार्य के लिए आवश्यक वाहन की व्यवस्था करने को भी कहा. परियोजना निदेशक को एयरपोर्ट से मिट्टी हटाने का कार्य एक माह में पूरा करने का निर्देश दिया गया. भिखारी ठाकुर चौक के समीप नील कोठी में लगभग 50 दुकानों के अतिक्रमण के संबंध में जिला पदाधिकारी ने सदर अंचलाधिकारी को नोटिस निर्गत कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी एवं ट्रैफिक डीएसपी को डबल डेकर निर्माण के कारण संभावित यातायात व्यवधान को देखते हुए वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा, ताकि आम लोगों को आवागमन में असुविधा न हो. निरीक्षण के अंतिम चरण में जिला पदाधिकारी ने पुलिस लाइन परिसर का भी जायजा लिया। जलजमाव की स्थिति को देखते हुए उन्होंने नगर आयुक्त को तत्काल छोटे पंप लगाने तथा जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री समग्र शहरी योजना के अंतर्गत छोटी-छोटी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति हेतु भेजने को कहा, ताकि नालियों एवं सड़कों को शीघ्र दुरुस्त किया जा सके। बाद में बड़े कामों एवं व्यापक योजनाओं पर भी कार्य करने का निर्देश दिया गया.