CHHAPRA DESK- सारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मकेर, परसा, पानापुर एवं तरैया के निचले इलाकों मे पानी आना शुरू हुआ है. जिसको लेकर बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों मे रहने वाले परिवारो को एसडीआरएफ दल के द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है. वैसे परिवारों को ऊंचे स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. उक्त स्थिति को ध्यान मे रखते हुए बाढ़ निरोधत्माक कार्य की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया तथा कार्यपलक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, सारण छपरा को आवश्यक निर्देश दिया गया. वहीं भण्डारित किये गए ईoसीo बैग का भी निरीक्षण किया गया. बता दें कि नेपाल में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि को देखते हुए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सजग है. संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला के लगभग 80 किलोमीटर लंबे सारण तटबंध के किलोमीटर 40 से 80 के बीच मकेर, अमनौर एवं तरैया प्रखंड क्षेत्रों का भ्रमण किया गया. इस दौरान उन्होंने तटबंध की वर्तमान स्थिति, संवेदनशील स्थलों एवं संभावित जल रिसाव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. वहीं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के पदाधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में जियोबैग, बालू, बोरा एवं अन्य आवश्यक सामग्री का स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.
नावों की पर्याप्त व्यवस्था एवं स्पष्ट साइनेज लगाने के निर्देश
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही एवं सुरक्षित निष्क्रमण के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. जिला पदाधिकारी ने नावों पर स्पष्ट रूप से बैनर एवं पोस्टर लगाने को कहा, ताकि आम लोग दूर से ही पहचान सकें कि संबंधित नाव जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है.


