CHHAPRA DESK- सारण जिला अंतर्गत अमनौर प्रखंड के अमनौर कल्याण और बसंतपुर बंगला पंचायत के सैकड़ों बाढ़ पीड़ित GR राशि नहीं मिलने से आक्रोशित होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और अंचलाधिकारी (CO) के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व सोनू कुमार यादव और विकास कुमार ने किया. धरने में बड़ी संख्या में गरीब, असहाय बाढ़ पीड़ित महिला-पुरुष शामिल थे, जो बाढ़ की विभीषिका से हुई परेशानी बयां कर रहे थे. पीड़ितों का आरोप है कि सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7-7 हजार रुपये की GR सहायता राशि भेजी गई थी, लेकिन पुरानी सूची के आधार पर और मुखिया-वार्ड सदस्यों की अनुशंसा से जोड़ी गई नई सूची में भारी अनियमितता की गई है. आरोप है कि मुखिया और वार्ड सदस्यों ने राजनीति से प्रेरित होकर अपने समर्थकों के नाम अधिक संख्या में जुड़वा दिए, जबकि वास्तविक पीड़ितों को छोड़ दिया गया. अमनौर कल्याण पंचायत के वार्ड नंबर 4 और वार्ड नंबर 9 में पुरानी सूची में नाम होने के बावजूद कई परिवारों को राशि नहीं मिली है. बता दें कि सारण तटबंध के हैजलपुर में बांध टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने इन पंचायतों में भारी तबाही मचाई थी. कई परिवारों का घर-बार और फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी. सरकार ने प्रभावितों को राहत देने के लिए GR राशि की घोषणा की थी.
ग्रामीणों का कहना है कि वितरण में बिचौलियों द्वारा गड़बड़ी की गई है और वास्तविक पीड़ितों के नाम सूची से गायब हैं. कई बार CO और प्रखंड कार्यालय में शिकायत करने पर भी केवल जांच का आश्वासन मिला. इसी से नाराज होकर सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठ गए. उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को जल्द GR राशि का भुगतान किया जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक CO और BDO मौके पर आकर भुगतान की समय-सीमा तय नहीं करते, तब तक धरना जारी रहेगा.

