CHHAPRA DESK- सारण जिला प्रशासन के तत्वावधान में आज सोमवार को समाहरणालय सभागार में 76वां राष्ट्रीय हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया. समारोह की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने हिंदी के उद्भव और विकास के इतिहास पर चरणबद्ध एवं विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने हिंदी को जनभाषा बताते हुए घर से लेकर कार्यालय तक इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया. डीडीसी ने कहा कि हिंदी कभी दरबारी भाषा नहीं रही. सूफी संतों ने आम लोगों से संवाद के लिए इसे अपनाया, जिसके बाद यह जन-जन की भाषा बनकर निरंतर आगे बढ़ती गई. उन्होंने कहा कि हिंदी का विकास समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद का माध्यम बनने से हुआ है. अपर समाहर्ता ई मुकेश कुमार ने हिंदी को आम लोगों की भाषा और देश की संपर्क भाषा बताते हुए कहा कि इसने विविधताओं से भरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है. वहीं अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था प्रमोद कुमार पाण्डेय ने सरकारी कार्यों में शुद्ध हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया. उन्होंने हिंग्लिश के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताते हुए अत्यधिक क्लिष्ट हिंदी से भी बचने की सलाह दी. उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल ने कहा कि हिंदी दिवस जैसे आयोजन निश्चित रूप से प्रेरणा देते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य केवल दिवस और समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए. भाषा के विकास को निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है. डीएसपी मुख्यालय अभिषेक कुमार ने हिंदी के ज्ञान को समृद्ध करने के लिए स्थापित साहित्यकारों और लेखकों की रचनाएं पढ़ने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि साहित्य से जुड़ाव व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने में भी मदद करता है. स्थापना शाखा के वरीय लिपिक मुकुंद मोहन श्रीवास्तव ने बच्चों को हिंदी से जोड़ने की आवश्यकता बतायी, जबकि सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी रणविजय सिंह ने सरकारी कर्मियों के लिए हिंदी कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया. समारोह में अपर समाहर्ता शिव कुमार पंडित, अविनाश कुणाल, नगर आयुक्त रंजीत कुमार, डीपीआरओ नीना झा सहित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन सामान्य शाखा प्रभारी जेबा अर्शी ने किया.