CHHAPRA DESK- "खेत बचाओ सह कृषि जन कल्याण संवाद" कार्यक्रम के तहत बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज छपरा पहुंचे, जहां शहर भिखारी ठाकुर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों तक समय पर खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद, बीज और उपकरण बेचने वालों के खिलाफ सीधे टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें, निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी. कृषि मंत्री ने कहा कि "खेत बचाओ, जीवन बचाओ" केवल संदेश नहीं, बल्कि धरती, किसान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का हमारा संकल्प है. खेत सुरक्षित होंगे, मिट्टी स्वस्थ होगी और किसान समृद्ध होंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप खेतों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं और समृद्ध बिहार के विकास की नई इबारत लिखें. उन्होंने किसानों से मनमर्जी से रासायनिक उर्वरक डालना बंद करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अभियान का मूल मंत्र "सही खाद और सही सलाह" है. उन्होंने कहा कि यदि कोई भी लाइसेंसी दुकानदार तय दर से अधिक कीमत पर खाद और बीज बेचता है तो उसकी तुरंत शिकायत करें. कार्यक्रम के शुभारंभ में अतिथियों का स्वागत निदेशक मुकेश कुमार लाल, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह, अपर समाहर्ता इंजीनियर मुकेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेंद्र कुमार सिंह और अन्य ने किया.
शरीर की तरह मिट्टी की भी जांच होती रहनी चाहिए
किसानों से अपने खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने और मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने को कहा गया. इससे खेती की लागत कम होगी और आय में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह से समय-समय पर अपने शरीर की जांच कराते हैं, वैसे ही मिट्टी की भी जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया, ताकि मिट्टी का प्राकृतिक स्वास्थ्य बना रहे और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर हो.
खाद और बीज में गड़बड़ी पर सख्त चेतावनी
उन्होंने दो टूक कहा कि बीजों की गुणवत्ता और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. बीज एवं उर्वरक वितरण में कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने सारण जिले में कृषि संबंधित चल रही विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली. फार्मर आईडी का निर्माण सभी किसानों के लिए आवश्यक बताया और अधिकारियों को जमकर क्लास लगाई कि निर्माण प्रतिशत को बढ़ाया जाए.

