CHHAPRA DESK- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक संचालित नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत आज जिला समाहरणालय सभागार में डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जागरूकता एवं संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि दीदियों, जीविका दीदियों सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा विद्यालय के बच्चों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त बिहार के निर्माण में शत-प्रतिशत योगदान देने की शपथ दिलाई गई. सभी ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थ का किसी भी रूप में या किसी भी उद्देश्य से सेवन नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे. साथ ही अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों एवं संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा सरकार द्वारा नशीले पदार्थों से संबंधित बनाए गए कानूनों एवं नियमों का पूर्णतः पालन करने का संकल्प लिया गया. स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक नशामुक्त जीवन का संदेश पहुंचाने की भी शपथ ली गई. कार्यक्रम के प्रारंभ में ब्रह्माकुमारी प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके अनामिका दीदी द्वारा जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, सहायक आयुक्त उत्पाद एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया.इसके पश्चात बीके प्रियांशु दीदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित इस जागरूकता अभियान में आध्यात्मिक शक्ति एवं प्रशासनिक प्रयासों का समन्वय नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने बताया कि दिनांक 01 से 07 नवंबर तक जीविका दीदियों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत नशे के प्रति अधिक संवेदनशील आबादी के बीच प्रेरक संबोधन, लघु नाटक एवं अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ तन एवं स्वस्थ मन के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जाएगा.उन्होंने बताया कि सारण जिले में अब तक 25 हजार से अधिक लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा चुकी है. इसके अतिरिक्त 42 विद्यालयों, 13 महाविद्यालयों, 09 धार्मिक संस्थानों, विभिन्न सरकारी कार्यालयों तथा 03 अन्य स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. कार्यक्रम के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन में कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसका उन्मूलन केवल कानूनी प्रावधानों से संभव नहीं है.वहीं, डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मुक्त बिहार अभियान का उद्देश्य केवल कानूनों एवं नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक जागरूकता का संदेश पहुंचाकर इसे एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देना है.
नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत ब्रह्माकुमारी व जीविका दीदियों ने लिया नशा मुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प

