CHHAPRA DESK - सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक हाइब्रिड मोड में हुई, जिसमें संबंधित पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे तथा प्रखंड एवं अन्य स्तर के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. बैठक में जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने तथा आमजनों को योजना के लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही विशेष अभियान चलाकर तीन दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं नगर निकायों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया. इन शिविरों के माध्यम से पात्र उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने, आवेदन की प्रक्रिया समझाने तथा बैंक ऋण एवं सोलर रूफटॉप से संबंधित समस्याओं का मौके पर समाधान कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने निर्देश दिया कि विशेष कैंपों में जनप्रतिनिधियों, बड़े व्यवसायियों एवं डीलर्स, पूर्व लाभार्थियों, बैंक प्रतिनिधियों, संबंधित कनीय अभियंताओं (JE) तथा अधिकृत वेंडर्स की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए. साथ ही, पंचायत एवं नगर निकाय स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.

₹78 हजार तक की केंद्रीय सब्सिडी के साथ राज्य सरकार का अतिरिक्त ₹20 हजार का प्रावधान

जिला पदाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पूर्व में 3 किलोवाट एवं उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी का प्रावधान है. राज्य सरकार द्वारा इसमें अतिरिक्त ₹20,000 का प्रावधान किए जाने से पात्र लाभार्थियों को योजना का और अधिक लाभ मिल रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 30 से 35 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनका मासिक बिजली बिल कई मामलों में लगभग ₹1,900 तक आता है. ऐसे उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्यघर योजना अत्यंत लाभकारी हो सकती है. बैंक ऋण की आवश्यकता होने पर लगभग ₹1,000 से ₹1,200 की मासिक EMI के माध्यम से भी योजना का लाभ लिया जा सकता है. सोलर बिजली उत्पादन के माध्यम से लाभार्थी लंबे समय तक अपने बिजली खर्च में बचत कर सकते हैं.

बैंक ऋण आवेदनों को छोटी कमियों के आधार पर अनावश्यक रूप से अस्वीकृत नहीं करें 

जिला पदाधिकारी ने बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पीएम सूर्यघर योजना के लाभार्थियों के बैंक ऋण आवेदनों को छोटी-छोटी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कमियों के आधार पर अनावश्यक रूप से अस्वीकृत नहीं किया जाए.

उन्होंने कहा कि ऋण से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्य सचिव स्तर पर भी बैंक प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई है. जिला स्तर पर भी संबंधित बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.उन्होंने कहा कि सिबिल स्कोर, गृहस्वामी के नाम एवं योजना आवेदन में नाम की मामूली भिन्नता, अथवा पूर्व से विद्यमान विद्युत लोड एवं आवेदन में दिए गए लोड के अंतर जैसे मामलों में केवल इसी आधार पर ऋण आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए.

अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने पर जोर

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएम सूर्यघर योजना को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी. उन्होंने कनीय अभियंताओं एवं वेंडर्स को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया.