CHHAPRA DESK - सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राजस्व संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई.बैठक में जिले के अपर समाहर्ता सहित सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर), सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में समाहर्ता ने राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया. उन्होंने राजस्व वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी, भूमि विवादों के निस्तारण, सरकारी भूमि की सुरक्षा सहित सभी राजस्व कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष बल दिया. समाहर्ता ने सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए. यदि किसी प्रकरण में किसी प्रकार की शंका या तकनीकी समस्या हो तो उसका समयबद्ध समाधान करते हुए निर्णय तक पहुंचाया जाए.बैठक के प्रारंभ में अभियान बसेरा की प्रगति की समीक्षा की गई. समाहर्ता ने बताया कि जिले को कुल 1,157 पर्चा वितरण का लक्ष्य प्राप्त है, जिसके विरुद्ध अब तक 534 प्रकरणों में अपलोडिंग की गई है, जबकि 630 प्रकरण शेष हैं. लक्ष्य प्राप्ति की अंतिम तिथि निकट होने के कारण उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया. साथ ही सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र की पूरी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक अभिलेख तैयार कराने के निर्देश दिए. डिफेक्ट (Defect) वाले आवेदनों की समीक्षा करते हुए समाहर्ता ने कहा कि ऐसे मामलों का प्रतिदिन नियमित रूप से निष्पादन किया जाए, ताकि अनावश्यक लंबित मामलों की संख्या कम हो सके।

इसके बाद दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लंबित (लेफ्ट आउट) मामलों एवं भूमि मापी की समीक्षा की गई. समाहर्ता ने निर्देश दिया कि प्रत्येक अमीन प्रतिदिन कम-से-कम दो भूमि मापी अवश्य सुनिश्चित करें तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए. बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विषय की भी समीक्षा की गई. समाहर्ता ने निर्देश दिया कि अपर समाहर्ता स्तर से जिन जमाबंदियों को रद्द किया गया है, उनकी भूमि का परीक्षण करते हुए एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली उपयुक्त भूमि को चिन्हित कर विकास परियोजनाओं हेतु प्रतिवेदित किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित भूमि किसी भी स्थिति में नदी, जल निकाय अथवा जल स्रोत की भूमि नहीं होनी चाहिए तथा भूमि की किस्म का सत्यापन खतियान के आधार पर अनिवार्य रूप से किया जाए. इस कार्य को अगले सप्ताह तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. समाहर्ता ने विभिन्न डिग्री कॉलेजों की स्थापना हेतु आवश्यक भूमि चिन्हित कर संबंधित अभिलेख तैयार करने तथा अंतर्विभागीय स्थानांतरण के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया, ताकि महाविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके. उन्होंने अपर समाहर्ता को अमीनवार कार्य निष्पादन की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिन अमीनों का कार्य संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए. बैठक के दौरान समाहर्ता ने सभी अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से निस्तारण करने, नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया. बैठक में राजस्व कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, अभिलेखों के अद्यतन, विभागीय निर्देशों के अनुपालन तथा विभिन्न राजस्व योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई. समाहर्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने का निर्देश दिया.