GOPALGANJ DESK-  गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के सफियाबाद गांव में रसोई गैस सिलेंडर के रेगुलेटर को खोलने के दौरान गैस लीकेज से लगी भीषण आग से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में छह माह के मासूम और डेढ़ साल की बच्ची समेत 17 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इनमें छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए घर में फंसे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. गैस रेगुलेटर खोलने के दौरान भड़की आग जानकारी के अनुसार, सफियाबाद गांव में सिंघासन मांझी के घर रसोई गैस सिलेंडर के रेगुलेटर को खोलने और उसकी जांच करने के दौरान अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए. इस हादसे में प्रेमनाथ मांझी, शिवकुमार मांझी, राजेश शर्मा, जयनाथ मांझी, वीरेंद्र शर्मा, लक्ष्मण शर्मा और कंचन शर्मा के परिवारों के एक दर्जन से अधिक लोग झुलसकर घायल हो गए. गंभीर रूप से घायलों में पांच वर्षीय आयांश कुमार, कुसुम देवी (40), शिवकुमार मांझी (42), बेबी देवी (22), कुमुद कुमारी (20), कुंदन कुमार शर्मा (17), चांदनी देवी (35), रीमा देवी (27), छह माह के रौशन कुमार, 18 माह की मिस्टी कुमारी, कंचन देवी (28) और छोटन शर्मा (16) समेत अन्य लोग शामिल हैं. 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस रेगुलेटर खोलने और उसकी जांच करने के दौरान आग लगने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

अस्पताल में मची अफरा-तफरी, सदर अस्पताल रेफर

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल बैकुंठपुर अस्पताल पहुंचाया. एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

ग्रामीणों ने साहस दिखाकर बचाई लोगों की जान

आग लगते ही गांव में चीख-पुकार मच गई. इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना घर में फंसी महिलाओं, बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालने में जुट गए. छह माह के मासूम समेत कई घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. उनकी तत्परता से आसपास के कई घरों को आग की चपेट में आने से बचाने में भी मदद मिली. लोगों को बचाने के दौरान कुछ अन्य लोगों के घायल होने की बात भी सामने आई है.