CHHAPRA DESK - सारण जिले में सर्पदंश की घटनाएं काफी बढ गई हैं. प्रतिदिन एक दर्जन लोग सर्पदंश का उपचार कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. वहीं इस सप्ताह में एक दर्जन मौत सर्पदंश से हो चुकी है. आज भी सर्पदंश के कारण एक मजदूर समेत दो युवक की मौत हुई है. पहली घटना में जिले के मशरक थाना क्षेत्र के चांद कुदरिया गांव स्थित खेत में जाने के दौरान विषैले सांप ने डसने से एक मजदूर की मौत सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो गई. मृतक स्थानीय चांद कुदरिया गांव निवासी अब्बास मियां का 34 वर्षीय मोजीबुल हक बताया गया है. इस संबंध में पूर्व उप प्रमुख साहेब हुसैन उर्फ टुनटुन ने बताया कि मकान निर्माण कार्य में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है. उसका परिवार बेहद ही गरीब हैं. बताया जा रहा है कि वह घर के पास धान के खेत में जा रहा था कि मेढ़ पर विषैले सांप ने डंस लिया. हालांकि अचेतावस्था में निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां स्थति गंभीर बनी देख बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक में लाया गया लेकिन वहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल छपरा रेफर कर दिया, जहां इलाज के लिए ले जानें के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई. जिसके बाद शव को परिजनों के द्वारा घर लाया गया. हालांकि समाचार प्रेषण तक इस मामले में शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की प्रक्रिया नहीं हो सकी है.
जबकि, दूसरी घटना जिले के मढौरा थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर गांव निवासी भीठन राय के 20 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार की मौत सदर अस्पताल में उपचार के दौरान हुई है. बताया जाता है किसी विषैले सर्प ने उसे डस लिया था. जिसके बाद आनन-फानन में उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर वहां से सदर अस्पताल रेफर किया गया था, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार के द्वारा उसका उपचार किया गया. उपचार के दौरान उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई और उसे बचाया नहीं जा सका. उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. चिकित्सा द्वारा उसे मृत घोषित किए जाने के बाद घर परिवार में रोना-पीटना लग गया. वहीं मृतक के परिजन उसके शव को लेकर बिना पोस्टमार्टम कराए घर चले गए. हालांकि समाचार प्रेषण तक दोनों ही शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका है.
