CHHAPRA DESK- छपरा नगर निगम कार्यालय में आज उस समय अफरातफरी मच गई जब नगर आयुक्त रणजीत कुमार के द्वारा पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने नगर निगम के टैक्स कलेक्टर असगर अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया, जो कि शहर के भगवान बाजार थाना अंतर्गत टक्कर मोड़ सलापतगंज मोहल्ला निवासी है. इस मामले में पुलिस को दिये गये अपने बयान में असगर के द्वारा अपने जुर्म को कबूल भी किया गया है. इस घटना के बाद नगर निगम में थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई और कोई भी कर्मचारी कुछ भी कहने से परहेज करते रहा. हालांकि इस मामले को लेकर जब नगर आयुक्त से जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा कुछ बताना तो दूर मिलने से भी इनकार कर दिया गया. हालांकि इस मामले में नगर थाना को प्राथमिकी के लिए आवेदन भी दिया गया है.

पीले लिफाफे का क्या है मामला ?

इस घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि असगर अली के खिलाफ घूस लेने के पहले कई मामले सामने आ चुके हैं. जिस पर मामला विचाराधीन है. उस मामले में अपने को निर्दोष साबित करने को लेकर असगर अली के द्वारा नगर आयुक्त को घूस देने की कोशिश की गई. नगर निगम कर्मियों के अनुसार असगर के द्वारा नगर निगम के एक कर्मचारी को वह लिफाफा थमाते हुए बोला कि नगर आयुक्त को दे देना है. जब उसके द्वारा पूछा गया कि लिफाफे में क्या है, तो बताया गया कि उस लिफाफे में पटना हाई कोर्ट का एक कागजात है. जिसके बाद उसने नगर आयुक्त के कार्यालय कक्ष में पहुंचा और पीला लिफाफा उनके टेबल पर रख दिया. जिसके बाद उन्होंने पूछा कि लिफाफे में क्या है. जिसके बाद उनके द्वारा नगर निगम कर्मियों के सामने ही उक्त लिफाफे को खुलवाया गया तो उसमें नोटों का बंडल था. जिसकी रकम ₹10 हजार बताई गई है. यह देखकर नगर आयुक्त के द्वारा इस घटना की सूचना नगर थाना अध्यक्ष को दी गई. वहीं, सूचना के बाद नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनकी शिकायत के बाद टैक्स कलेक्टर असगर अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में नगर निगम के हेड क्लर्क तारकेश्वर मिश्रा के द्वारा नगर थाना में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया है. जिसमें गवाह के तौर पर नगर प्रबंधक वेद प्रकाश बरनवाल, कनीय अभियंता तरुण कुमार सहित एक दर्जन कर्मचारी गवाह बने हैं. वहीं प्राथमिकी विद्यालय पुलिस में जुटी हुई है.