CHHAPRA DESK- सारण जिलांतर्गत मकेर थाना क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. बता दें कि मकेर इलाके में सबसे पहले हेजलपुर, उसके बाद सिरसिया और फिर बाघाकोल में बांध टूटने की घटना सामने आई है. तीन जगह बांध टूटने के बाद गंडक नदी का पानी तेजी से गांवों में फैल रहा है, जिससे जल का स्तर बढ़ रहा है.बताया जा रहा है कि गंडक नदी से करीब 10 से 15 किलोमीटर आगे तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जबकि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है. कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है और लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर छत पर रहने को मजबूर हैं.ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मदद पहुंचाई जा रही है, लेकिन प्रभावित लोग प्रशासन की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं. लोगों का सवाल है कि अगर समय रहते प्रशासन सतर्क रहता और बांध में हो रहे पानी के रिसाव तथा कमजोर हिस्सों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद आज यह स्थिति नहीं बनती.

ग्रामीणों की मांग है कि राहत और बचाव कार्य को और तेज किया जाए और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. क्योंकि बाढ में फंसे लोग बांध पर भूखे-प्यासे रहने को मजबूर हैं.वहीं, लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. लोगों को आशंका है कि अगर जल्द पानी को नियंत्रित नहीं किया गया तो बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है.

बाढ के कारण 2 लाख की आबादी है प्रभावित 

नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने और बांध के टूटने के बाद अब तक सारण जिले के 07 प्रखंड प्रभावित हैं. उपलब्ध अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार कुल 25 पंचायत एवं 102 गांव प्रभावित हैं. प्रभावित क्षेत्रों में अनुमानित 1,70,025 आबादी एवं 36,250 परिवार प्रभावित हैं. जलस्तर एवं परिस्थितियों को देखते हुए 15,400 लोगों का निष्क्रमण कराया गया है. जबकि अभी भी अनेक लोग घरों के छत पर फंसे हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कुल 20 चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं. प्रभावित पशुओं की सुरक्षा एवं चिकित्सा के लिए भी पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं.