CHHAPRA DESK - सारण जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत शिकारपुर गांव में सेना के जवान नवीन कुमार सिंह के निधन की खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया. बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, बुजुर्ग और स्थानीय लोग उनके घर पहुंच गए. नवीन कुमार सिंह, स्वर्गीय शिवजी सिंह के पुत्र थे और शिकारपुर, दरियापुर के निवासी थे। वह जम्मू-कश्मीर में सेना में कार्यरत थे. बताया गया कि अचानक उनके सीने में तेज दर्द होने के बाद सेना के जवानों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया. दिल्ली में उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया. सेना की प्रक्रिया के तहत जवान के पार्थिव शरीर को पहले दानापुर मिलिट्री छावनी लाया गया. इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव शिकारपुर लाया गया. गांव पहुंचते ही परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. नवीन कुमार सिंह के दो पुत्र और एक छोटी पुत्री है. जवान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाए और वीर जवान को अंतिम विदाई दी. पूरे रास्ते लोगों की भीड़ उमड़ी रही. माहौल गमगीन होने के साथ-साथ देशभक्ति से भी ओत-प्रोत रहा. इसके बाद गंगा नदी के घाट पर सेना के जवानों की मौजूदगी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ नवीन कुमार सिंह का अंतिम संस्कार किया गया. दानापुर मिलिट्री छावनी से पहुंचे जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी. सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. ग्रामीणों ने कहा कि नवीन कुमार सिंह ने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया, उनका बलिदान और देशसेवा हमेशा याद रखी जाएगी.
सेना के जवान का इलाज के दौरान निधन; तिरंगे के साथ हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई


