CHHAPRA DESK- छपरा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित एक मरीज को पटना रेफर किए जाने के बाद भी करीब तीन घंटे तक सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी. अंततः परिजनों को प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेकर मरीज को पटना ले जाना पड़ा. इस घटना ने आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के अनुसार, रिविलगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर इनई गांव निवासी बच्चू दास ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित थे. सदर अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन सरकारी एंबुलेंस मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन करीब तीन घंटे तक वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। मरीज के पोते चंदन कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी. अंततः परिजनों ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की और मरीज को पटना लेकर रवाना हुए.

अस्पताल में 10 एंबुलेंस उपलब्ध होने का दावा

जानकारी के मुताबिक, सदर अस्पताल में 10 एंबुलेंस के साथ दो शव वाहन उपलब्ध हैं. इनमें पांच एंबुलेंस को इवेंट ड्यूटी के लिए रिजर्व रखा गया है, जबकि चार एंबुलेंस क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर मरीज को समय पर वाहन क्यों नहीं मिल सका. ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में समय पर इलाज के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एंबुलेंस मिलने में हुई देरी से परिजनों की परेशानी बढ़ गई.