CHHAPRA DESK - सारण समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की गहन समीक्षा बैठक करते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सबसे पहले मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को प्राथमिकता पूर्वक लागू करने की दिशा में की जा रही महत्वपूर्ण पहल, जिसमें सबसे पहले रेफर किए जाने पर रोक की बात है, इस पर फोकस किया. उन्होंने कहां कि बहुत आवश्यक है कि सभी अस्पताल इस पर प्राथमिकता से ध्यान दें क्योंकि मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त के पहले सभी अस्पतालों में रेफर किए जाने की पद्धति समाप्त किए जाने की बात कही गई है. इस संदर्भ में डीएम ने सभी MOIC से इसे ट्रैक किए जाने पर जोर दिया ताकि इसकी वजह समझी जा सके कि किस परिस्थिति में मरीज को ऊपर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है. वास्तव में जो ट्रीटमेंट की फैसिलिटी उस अस्पताल में है वह ट्रीटमेंट उसे मिला या नहीं और उसके पीछे क्या वजह है कि उसे रेफर किया गया।आगे स्वास्थ्य सुविधाओं के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा एवं सेवा बहाल रहने की बात कहते हुए इसका भी अनुश्रवण किया. स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त अस्पतालों के विभिन्न मानकों के तहत रोगी कल्याण समिति की क्रियाशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बनी रहे. उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों में आशा बहाली के रिपोर्ट की भी समीक्षा की तथा तदनुसार आशा की नियुक्ति के लिए भी निर्देश दिए. उन्होंने ए एन एम की कार्य पद्धति को लेकर समीक्षा की तथा निर्देश दिया जिन एएनएम के कारण अस्पतालों में कोई दिक्कत हो रही है. संस्थागत प्रसव में कमी हो रही है उन के विरुद्ध रिपोर्ट किया जाए.  डीएम ने गत बैठक के 17 बिंदुओं पर अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए निर्देश दिए. अस्पतालों में दवा उपलब्धता के लिए उन्होंने कहा कि आवश्यक हो तो प्रोक्योरमेंट किया जाए. आगे टीबी मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में सभी अस्पतालों द्वारा स्क्रीनिंग में अच्छे कार्य की. उन्होंने सराहना की तथा आगे अन्य विषयों की समीक्षा करते हुए डीएमएन ई को निर्देशित किया कि सभी बी एम एन ए ई, बीएच एम की ट्रेनिंग करवाई जाए ताकि वह भव्या पोर्टल पर हर तरह के एंट्री सुनिश्चित कर सके.

 उन्होंने जिला यक्ष्मा प्रभारी तथा सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में ससमय लक्ष्य प्राप्ति हेतु सभी को सेंसेटाइज करने का प्लान बनायें. उन्होंने डॉक्टर की रोस्टर ड्यूटी भी तय करने के सख्त निर्देश दिए. बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार हेतु सभी पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से समन्वित प्रयास एवं नैतिक दायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समय से अस्पताल पहुंचने का निर्देश देते हुए सभी कर्मियों का 8 घंटे का रोस्टर तैयार करने को कहा. साथ ही सभी पीएचसी एवं सीएचसी में चिकित्सकों एवं जीएनएम का मोबाइल नंबर सहित रोस्टर का दीवार लेखन कराने का निर्देश दिया गया.

बैठक के अंत में स्वास्थ्य सेवाओं को जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाने हेतु सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया.