GOPALGANJ DESK - निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में फर्जी एवं कूटरचित अंकपत्र के आधार पर शिक्षक नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना)-सह-नोडल पदाधिकारी, निगरानी कोषांग ने कुचायकोट प्रखंड के तीन शिक्षकों को नियमानुसार सेवामुक्त करने का आदेश जारी किया है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, संबंधित पंचायत सचिवों तथा नियोजन इकाइयों को पत्र भेजकर एक पक्ष के भीतर कार्रवाई पूरी कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. जारी आदेश के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेरोटोला के शिक्षक संजय कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलवरिया के शिक्षक छविनाथ राय तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय भोजछापर के शिक्षक धर्मनाथ प्रसाद के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. तीनों शिक्षक कुचायकोट प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत हैं. निगरानी जांच में संजय कुमार का साहित्यालंकार का अंकपत्र फर्जी पाया गया है, जबकि छविनाथ राय और धर्मनाथ प्रसाद का साहित्यालंकार का अंकपत्र कूटरचित पाया गया. आरोप है कि इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर तीनों ने शिक्षक पद पर नियोजन प्राप्त किया था. मामले में संबंधित थानों में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित शिक्षकों को एक पक्ष के भीतर सेवामुक्त किया जाए तथा इसकी सूचना जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को समय पर कार्रवाई से अवगत कराया जा सके. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर सेवामुक्ति की कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में सरकारी राशि की होने वाली क्षति के लिए संबंधित पदाधिकारी एवं नियोजन इकाई सीधे जवाबदेह होंगे. ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकार को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. इस आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है.
फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे 3 शिक्षकों पर गिरी गाज ; जांच के बाद बर्खास्तगी का आदेश


