CHHAPRA DESK - सारण जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए हादसे में दो महिला समेत चार व्यक्ति की मौत हुई है, जिसमें एक व्यक्ति के शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पहली घटना जिले के मथुरा थाना क्षेत्र से सामने आई है जहां शिव मंदिर की देखभाल करने वाली एक महिला की मौत मंदिर परिसर में सर्पदंश से हो गई. मृत महिला स्थानीय मढौरा थाना क्षेत्र के जोधौली वार्ड नंबर 13 निवासी स्वर्गीय जय किशोर गिरी की 47 वर्षीय पत्नी कौशल्या देवी के रूप में की गई है. उसे तीन पुत्र हैं. इस संबंध में गांव वालों ने बताया कि वह शिव मंदिर की देखभाल करती थी और मंदिर पर ही सोई थी, उसी क्रम में किसी विषैले सर्प ने उसे डस लिया जिसके कारण उसकी मौत हुई है.

जबकि, दूसरी घटना जिले के डेरनी थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां घर में पोछा लगाने के दौरान करंट लगने से एक किशोरी की मौत हुई है. मृत किशोरी की पहचान स्थानीय थाना क्षेत्र के फुरसतपुर गांव निवासी एकरामुल हक की 16 वर्षीय पुत्री रूही परवीन के रूप में की गई है. घटना के समंबंध में बताया जा रहा है कि वह घर में पोछा लगा रही थी, उसी बीच करंट लगने से वह अचेत हो गई. जिसके बाद आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हुई है. इस घटना की सूचना के बाद सदर अस्पताल में मौजूद भगवान बाजार थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया.


जबकि, तीसरी घटना जिले के पानापुर थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां स्नान करने के दौरान गंडक नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई. मृत युवक की पहचान स्थानीय थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव निवासी सुरेश साह के 21 वर्षीय पुत्र राजकुमार के रूप में की गई. घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव स्थित गंडकी नदी में स्नान करने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिसके कारण डूबने से उसकी मौत हो गई. जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद उसके शव को नदी से बरामद किया गया और स्थानीय थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया गया.

 जबकि, चौथी घटना छपरा जंक्शन से सामने आई है, जहां जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर 55 वर्षीय एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पाया गया. जिसके बाद रेल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान का प्रयास किया लेकिन समाचार प्रेषण तक शव की पहचान नहीं हो पाई है. जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद पहचान हेतु उसे सुरक्षित रखा गया है.