CHHAPRA DESK- छपरा सदर अस्पताल में दो मरीजों के परिजनों ने जमकर हो-हंगामा किया और बवाल काटा. रात में तो परिजनों के द्वारा कुछ लोगों को बुलाकर बवाल के दौरान राइफल भी चमकाया गया. वहीं ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर अर्जुन कुमार के साथ बदसलूकी भी की गई. वहीं इमरजेंसी वार्ड में हथियार लहराने के बाद अफरातफरी का माहौल कायम हो गया.
पहली घटना रात्रि 12:00 बजे की
बताते चलें कि बीती संध्या नगर थाना क्षेत्र के मौना हुस्से ढाला 44 के समीप के रहने वाले मुन्ना राय की पुत्री काजल कुमारी को दुर्घटना के बाद सदर अस्पताल में लाया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था. इलाज के दौरान व्यवस्था को लेकर घायल युवती के भाइयों व परिवार वालों के द्वारा करीब एक दर्जन लोगों को बुला लिया गया. जिनमें एक राइफल लेकर अस्पताल में लहराने लगा. जिसके बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई. वही डॉक्टर के साथ उस दौरान बदसलुकी भी की गई. इस सूचना के बाद अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई. सूचना पर जबतक पुलिस अस्पताल पहुंची तब तक उपद्रवी हथियार लेकर भाग निकले. वहीं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राम पुकार सिंह भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और राइफल चमकाने वाले के साथ उपद्रव करने वालों की पहचान कर पर उनपर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. फिलहाल उन सभी की पहचान को लेकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल जा रहा है. जिसको लेकर फ़िलहाल प्राथमिकी की प्रक्रिया जारी है.
दूसरी घटना सुबह करीब 08:30 की
रात में हुए हंगामा की जांच की ही जा रही थी तब तक दूसरी घटना सुबह करीब 08:30 पर हो गई. इमरजेंसी विभाग में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद आज सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया. मृतक की पहचान जलालपुर थाना क्षेत्र के पिरारी गांव निवासी बनारस पासवान के पुत्र रंजीत पासवान के रूप में हुई है. परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. परिजनों के अनुसार रंजीत पासवान को बीती रात करीब आठ बजे सिर में दर्द की शिकायत के बाद सदर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया था. शाम में उसने रोटी और सब्जी खाई थी तथा उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही थी. अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज शुरू किया गया. हालांकि रातभर इलाज के बावजूद सुबह तक उसकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. परिजनों का आरोप है कि सुबह में मरीज को चिकित्सक द्वारा कोई ऐसी दवा अथवा इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद अचानक उसकी स्थिति बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और इमरजेंसी विभाग में हंगामा करने लगे. जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. हंगामे की सूचना पर सदर अस्पताल स्थित पुलिस चौकी से जवान मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया. वहीं अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने इमरजेंसी विभाग पहुंचकर घटना की जानकारी ली. वहीं परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही की जांच कराने की मांग की है.

