CHHAPRA DESK - छपरा शहर के भिखारी ठाकुर आर्ट गैलरी सह पेक्षा गृह में आयोजित 'शौर्य संबंध' पूर्व सैनिक रैली को संबोधित करते हुए झारखंड एवं बिहार सब एरिया के मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने बिहार के वीरों और उनके परिवारों के अदम्य साहस, अनुशासन और बलिदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि "बिहार की धरती वीरों की भूमि है, जिसने सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव अद्वितीय योगदान दिया है और भारतीय सेना के इतिहास में बिहार के सैनिकों का योगदान हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा. पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ आत्मीय संबंध रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 'एक बार सैनिक, सदैव सैनिक'. सेना की रेजीमेंटल बॉन्डिंग एक खून के रिश्ते की तरह होती है, जो यूनिफॉर्म में रहने के दौरान और यूनिफॉर्म के बाद भी जीवन भर कायम रहती है.

वीर नारियों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर जोर

मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित वीर नारियों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि उनके परिवारों का त्याग केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का बलिदान है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सब एरिया, राज्य सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय और नागरिक प्रशासन मिलकर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुनर्वास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.

युवाओं और पूर्व सैनिकों से खास अपील

उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों से डिजिटल सुविधाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक-दूसरे तक पहुँचाने का आग्रह किया। साथ ही, बिहार के युवाओं में राष्ट्र सेवा के जज्बे को सराहते हुए पूर्व सैनिकों को मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान समाज का नैतिक दायित्व है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग और सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

डीएम ने दिया सहयोग का आश्वासन 

बुधवार को आयोजित शौर्य सम्बन्ध कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिक केवल सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत हैं. उनका योगदान समाज के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा तथा नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं. बिहार राज्य पूर्व सैनिक कल्याण निदेशालय के माध्यम से 80 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 30 पूर्व सैनिकों को ₹24,000 की सम्मान राशि प्रदान की गई है. साथ ही, शहीद सैनिकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने वाले सभी संबंधित विभागों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सैन्य सेवा के दौरान कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करने वाले सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे. इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

सैनिक व वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित 

 इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को 24000 का चेक और अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया, जिसमें भोला नाथ सिंह, रघुनाथ सिंह, सच्चिदानंद यादव,राम पुकार सिंह, राजनाथ सिंह, रामायणजी मिश्र,गणेश सिंह,शाह भगत शर्मा, कामेश्वर सिंह, कैलाश सिंह, ध्रुव सिंहb राजमुनी देवी (स्व. पुनीत ठाकुर की पत्नी),राम भजन राय,सिहनेश्वर सिंह एवं राम दहिन सिंह आदि प्रमुख है. जबकि वीर नारी महिला सम्मानित होने वालों में सीमा सिंह, देवारती देवी, उषा देवी, प्रियंका देवी, रूपम देवी, रेखा कुमारी, मोनी सिंह, रिंकू देवी, रूबी देवी तथा आरती देवी आदि का नाम शामिल है. सभी महिला नारी वीर नारियों को 21 000 का चेकव अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी सेना के जवान स्थित है जिसमें प्रमुख लोगों में जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो परमेंद्र बाजपेई,एसएसपी विनीत कुमार, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, अवकाश प्राप्त करनाल मेजर सह जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी मनीष कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल एस. मोहंती, सैनिक कल्याण कमी के रूप में जितेन्द्र कुमार, राकेश खालको को धीरज कुमार सहित सारण प्रमंडल के तीनों जिला के बड़ी संख्या में वीर नारी एवं सैनिक परिजन एवं सैनिक आदि उपस्थित थे.