ARRAH DESK- बिहार के आरा में आज अपराधियों ने कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह को बेटे के सामने ही गोलियों से भून डाला. बताया जा रहा है कि उनको 8 गोलियां लगी हैं. गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी राम कुमार सिंह को स्थानीय लोगों और नवादा थाना पुलिस की मदद से आनन-फानन में आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वारदात को अंजाम नवादा थाना क्षेत्र के जैन कॉलेज गेट के पास दिया गया है. राम कुमार सिंह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे. हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने सपना सिनेमा मोड़ के पास शव को सड़क पर रखकर आरा–पटना मेन रोड जाम कर दिया. मौके पर मुख्यमंत्री और कमिश्नर को बुलाने की मांग की रहे हैं. वहीं मृतक की पत्नी ने मुफस्सिल थानेदार और सीओ पर गंभीर आरोप लगाया हैं. मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. गुस्साए लोगों ने आरा-पटना रोड को जाम कर पांच घंटे तक बवाल काटा. मृत राम कुमार सिंह बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी स्व हरिवंश सिंह के 67 वर्षीय पुत्र थे. वे साल 2015 में भागलपुर से कस्टम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पद से रिटायर्ड हुए थे. परिजनों के अनुसार, राम कुमार सिंह हर दिन सुबह अपने बेटे राजेश कुमार के साथ रमना मैदान में टहलने जाते थे. रोज की तरह वो आज घर से निकल कर अपना गेट लॉक कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. उस समय उनका बेटा कार में बैठा था. गोलीबारी के दौरान बेटे की जान बच गई, जबकि अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए.
जमीन विवाद में हत्या की आशंका
मृतक के बेटे राजेश कुमार ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है. उन्होंने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके नाम पर 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी. आरोप है कि इसके बाद कुछ जमीन माफियाओं ने उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी. इस संबंध में उनके पिता ने थाने में शिकायत भी की थी. बेटे का दावा है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी उनके पिता पर जानलेवा हमले किए गए थे. गुरुवार की सुबह हुई हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
