PATNA DESK- राजधानी पटना से अगवा किए गए बंटी यादव का शव अथमलगोला थाना क्षेत्र में मिलने के बाद मामला अब केवल अपहरण और हत्या तक सीमित नहीं रह गया है. शुरुआती जांच, पुलिस की कार्रवाई और अपराधियों तक समय पर पहुंचने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, इन सवालों के अंतिम जवाब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट कर सकेगी. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 6 जुलाई की रात बंटी यादव पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास दही खरीदने गए था. उसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट करने और कथित तौर पर जबरन ऑटो में बैठाकर ले जाने की घटना सामने आई. यह पूरा घटनाक्रम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ था. परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी थी और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसियों को सौंपा था. उनका आरोप है कि यदि शुरुआती दौर में तेज और प्रभावी कार्रवाई होती तो बंटी को सुरक्षित बरामद किया जा सकता था. इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है. बीते 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र में मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन के किनारे एक गड्ढे से बंटी यादव का शव बरामद हुआ. पुलिस के अनुसार शव काफी हद तक सड़-गल चुका था. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत का सही समय और कारण स्पष्ट हो सकेगा. परिजनों का यह भी आरोप है कि बंटी अपने इलाके में कथित अवैध गतिविधियों और देह व्यापार का विरोध करता था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया. पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों समेत मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. इस मामले में पुलिस ने एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. एसडीपीओ-1 रामकृष्ण ने बताया कि एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो पुलिस टीओपी स्थापित करने की योजना है. फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. वहीं, परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.