SIWAN DESK - बिहार में शराबबंदी का एक सच यह भी है कि घूसखोर पुलिसकर्मी करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ले रहे हैं. ऐसे ही एक इंस्पेक्टर है बिहार एक्साइज विभाग के अंकित कुमार गोंड. जिनकी पोस्टिंग फिलहाल सिवान जिले में है. उनके पास से करीब ढाई करोड़ की अवैध संपत्ति आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बरामद की गई है. उन्होंने शराबबंदी को ब्लैक मनी कमाने का सबसे आसान जरिया समझा और करोड़ों की संपत्ति भी बना ली. शराब माफियाओं के इशारे पर उनके घर लाखों लाख का कमीशन पहुंचता था और वह शराब माफिया के शराब लदे ट्रकों को पास करवाता था. वरीय पदाधिकारी को लगातार मिली शिकायत के बाद बीते 8 जुलाई को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने उनके सिवान, पटना, मुंगेर सहित कुल 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की तो पूरा मामला खुल गया.


आर्थिक अपराध इकाई की जांच में पता चला है कि अंकेश गोंड 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपए के चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं. यह इनके सरकारी सैलरी से 201.97 प्रतिशत अधिक है. बता दें कि 29 जून 2005 को बतौर ASI अंकेश कुमार गोंड ने बिहार एक्साइज डिपार्टमेंट में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी. 21 साल की नौकरी में प्रमोशन पाकर पहले सब इंस्पेक्टर और फिर इंस्पेक्टर बने. अब तक सैलरी से इनकी कुल कमाई 87 लाख रुपए है. इसके अलावा 25 लाख और 5 लाख रुपए के दो लोन लिए. इनके पिता विजय प्रसाद गोंड रेलवे कर्मचारी थे. पैतृक संपत्ति के नाम पर मुंगेर के कासिम बाजार में एक पुश्तैनी घर था.