PATNA DESK - बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से जारी किए सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में भागलपुर और जमुई से तीन सिम विक्रेता एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है. पिछले छह माह में इन एजेंटों के द्वारा 181 सिम कार्ड जारी किए गए, जिनसे 247 साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया गया है. भागलपुर में पीओएस एजेंट ने ग्रामीणों के मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के नाम पर उनकी जानकारी के बिना छह माह में करीब 81 सिम निर्गत किए. इस सिम से झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय साइबर अपराधियों ने करीब 122 साइबर अपराध किए. इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 61/26 दर्ज कर आरोपित एजेंट मोहम्मद अब्दुल मतीन को तिलकामांझी थाना क्षेत्र के कचहरी चौक से गिरफ्तार किया गया. उसके पास से एक मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद की गई है. पूछताछ में उसके सहयोगी मोहम्मद अफताब की मदद से सिम निकालकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने की जानकारी सामने आई है. नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

 जमुई में 100 सिम से 13 लाख की साइबर ठगी

जमुई के चकाई स्थित शुभ कामन सर्विस सेंटर के पीओएस एजेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. जांच में पिछले करीब चार महीने में संबंधित एजेंसट की आइडी से करीब 100 सिम जारी किए जाने की बात सामने आई. इनमें से करीब 80 मोबाइल नंबरों के खिलाफ एनसीआरपी पर शिकायतें दर्ज थीं. इन नंबरों से जुड़ी करीब 125 साइबर शिकायतों और लगभग 13 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया. जांच में चकाई के सरीन गांव के राजकुमार यादव और अरविंद कुमार द्वारा आइडी इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली. दोनों को साइबर थाना कांड संख्या 41/26 में गिरफ्तार किया गया. इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. पुलिस अब इन सिम कार्ड को इस्तेमाल करने वाले साइबर अपराधियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है.