PATNA DESK - बिहार की राजधानी पटना में साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस ने फर्जी कॉरपोरेट व करंट अकाउंट के जरिए ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार इन आरोपियों के बैंक खातों के माध्यम से अब तक करीब 25 करोड़ रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई है.
रैपीडो चालक फंसे
पटना साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी संगीता कुमारी ने बताया कि हाल के दिनों में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा रैपीडो चलाने वाले व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाया जा रहा था. आरोपियों ने रैपिडो चालकों से संपर्क कर उन्हें लालच दिया कि बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले उन्हें मोटी रकम दी जाएगी.
खातों का दुरुपयोग
वहीं डीएसपी ने बताया कि इस लालच में आकर कुछ लोगों ने अपने नाम पर फर्जी तरीके से करंट अकाउंट खुलवाकर अपराधियों को उपलब्ध करा दिए. जिसके बाद अपराधियों द्वारा इन्हीं खातों में ठगी की पूरी रकम का लेन-देन किया जाता था. पुलिस ने साइबर थाना कांड संख्या 1121/26, दिनांक 15 अगस्त 2026 के तहत यह बड़ी कार्रवाई की है.
तीन आरोपी गिरफ्तार
डीएसपी संगीता कुमारी के मुताबिक पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और उपलब्ध सुरागों के आधार पर पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र से पहले आरोपी को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर राजीव नगर थाना क्षेत्र से दूसरे आरोपी को पकड़ा गया जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी बक्सर जिले से की गई. पकड़े गए आरोपियों में प्रभाकर कुमार, अमित कुमार और दीपक कुमार रावत शामिल हैं.
ट्रांजैक्शन पर कमीशन
डीएसपी ने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो लोग रैपिडो चलाने का काम करते हैं और तीसरा जमुई जिले का रहने वाला है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले उन्हें प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर करीब चार से पांच हजार रुपये दिए जाते थे. इसी तरीके से वे महीने में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक कमा लेते थे.
डिजिटल साक्ष्य बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक चेक बरामद किया है. पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है.


